सोनारी गुरुद्वारा में पति-पत्नी का एक साथ अंतिम अरदास
सोनारी गुरुद्वारा में सरदार हरजीत सिंह और उनकी पत्नी सरदारनी सुरजीत कौर का अंतिम अरदास हुआ। दोनों ने एक ही दिन दुनिया को अलविदा कहा, जो उनके अटूट साथ का प्रतीक है। इस अवसर पर कई समाजिक नेता और सदस्य उपस्थित थे जिन्होंने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

सोनारी गुरुद्वारा के मुख्य सलाहकार सरदार हरजीत सिंह एवं उनकी पत्नी सरदारनी सुरजीत कौर का अंतिम अरदास सोनारी गुरुद्वारा में संपन्न हुआ। मौके पर सीजीपीसी के चेयरमैन सरदार शैलेंद्र सिंह, सोनारी गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान बलबीर सिंह, चेयरमैन गुरदयाल सिंह और महासचिव सुखविंदर सिंह उपस्थित थे। मंच संचालक मनजीत सिंह ने हरजीत सिंह और सुरजीत कौर की पुत्रवधू सरबजीत कौर एवं पोत्र गुरप्रीत सिंह को सम्मानित किया। सरदार शैलेंद्र सिंह ने कहा कि जमशेदपुर के लिए यह पहला मौका है, जब पति-पत्नी जीवन भर एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ा और मृत्यु के समय भी दोनों एक ही दिन चले गए। मौके पर सेंट्रल सिख स्त्री सत्संग सभा की प्रधान रविंदर कौर, कमलजीत कौर, कमलेश कौर, हरजीत कौर, सुरजीत कौर, हरविंदर सिंह, मंटू अजीत सिंह, गंभीर मीत प्रधान जोगिंदर सिंह जोगी, सोनारी गुरुद्वारा कमेटी के पदाधिकारी और स्त्री सत्संग सभा की पूरी टीम उपस्थित रही।
सभी ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।बता दें कि हरजीत सिंह सेंट्रल गुरुद्वारा कमेटी के पूर्व चेयरमैन सरदार महेंद्र सिंह के छोटे भाई और जोगिंदर सिंह जोगी के चाचा थे। यह संयोग रहा कि जिस दिन उनकी शादी की सालगिरह थी, उसी दिन दोनों पति-पत्नी ने एक साथ दुनिया को अलविदा कह दिया। समाज के लोग इसे उनके अटूट साथ और गहरे रिश्ते का प्रतीक मान रहे हैं।
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