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10 अगस्त, 2020|1:33|IST

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23 हजार रेलकर्मियों के इलाज में छूट का दायरा बढ़ा

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रेलवे ने कर्मचारियों के इलाज का दायरा बढ़ा दिया है। अब कर्मचारी के 25 साल से अधिक उम्र की संतानों को भी रेलवे से इलाज की सुविधा मिल सकेगी। रेलवे बोर्ड ने आदेश जारी कर दिया है।

बोर्ड ने आयु सीमा को 21 से बढ़ाकर 25 तक कर दिया है। इससे मंडल के 23 हजार कर्मचारियों को फायदा होगा। कर्मचारी और पेंशनर्स का बच्चा अगर 25 वर्ष से अधिक आयु का अविवाहित है और कहीं नौकरी नहीं कर रहा है तो उसे भी यह सुविधा मिलेगी। रेलवे ने अपने कर्मचारियों व पेंशनभोगियों के आश्रितों के लिए चिकित्सा सुविधा के नियमों में बदलाव किया है। बच्चों के लिए 21 वर्ष तक की उम्र की शर्त हटा दी गई है। मगर, वे इस सुविधा के तभी तक पात्र होंगे जब तक रोजगार नहीं मिल जाता। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि रोजगार या फिर बेरोजगारी की सीमा कहां तक है। अस्थायी नौकरी को भी रोजगार माना जाएगा या नहीं। यह स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।

पहले 21 वर्ष तक ही मिलती थी सुविधा

रेल कर्मचारियों के बच्चों को पहले 21 वर्ष की आयु तक मुफ्त मेडिकल सुविधा मिलती थी। उम्र की सीमा हटाने से हजारों कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। अविवाहित बेटी को भी इस सुविधा का लाभ मिलेगा। शादी होते ही वह इसके लिए अपात्र हो जाएंगी। रेलवे अस्पताल या फिर रेलवे के पैनल पर जो भी निजी अस्पताल हैं, वहां भी फ्री में इलाज होता है। दक्षिण पूर्व रेलवे मेंस कांग्रेस के मंडल को-आर्डिनेटर शशि रंजन मिश्रा ने बताया कि रेलकर्मी के आश्रितों को मेडिकल सुविधा के लिए फिर से आवेदन करना पड़ेगा। इसके बाद पर्सनल विभाग की टीम संबंधित कर्मी के आवास पर जाकर छानबीन करेगी। उसकी रिपोर्ट के आधार पर ही फैसला होगा।

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  • Web Title:Exemption in treatment of 23 thousand railway workers increased