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लोको शेड से लुढ़ककर इंजन बेपटरी

टाटानगर रेलवे स्थित न्यू इलेक्ट्रिक लोको शेड की लाइन नंबर चार से लुढ़का इंजन आरआरआई के पास बेपटरी हो गया। घटना मंगलवार सुबह सवा चार बजे की है। चालक के बगैर लुढ़क रहा इंजन उसी रेललाइन पर खड़ी ट्रैक मरम्मत मशीन से टकराया था। इससे मशीन की बोगी भी बेपटरी हो गई जबकि, केबिन में मौजूद दो मजदूर जख्मी हुए हैं। जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया था, लेकिन मामूली चोट के कारण दोनों छोड़ दिए गए। इधर, देरशाम तक इंजन को लाइन पर चढ़ाने की कवायद जारी थी। मौके पर पहुंचे एआरएम : हूटर बजने से लोको शेड, आरआरआई व स्टेशन ड्यूटी रेलकर्मियों में अफरातफरी मची थी। सूचना पाकर एआरएम ओपी शरण व अन्य परिचालन अधिकारी मौके पर पहुंचे। बाद में चक्रधरपुर मंडल के संरक्षा अधिकारी राजेश कुमार टाटानगर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिए। एक महीने में चौथी घटना : जुलाई महीने में टाटानगर, कांड्रा व डांगुवापोसी स्टेशनों के बीच ट्रेन और इंजन बेपटरी की यह चौथी घटना है। 22 जुलाई को टाटानगर यार्ड, 14 जुलाई को कांड्रा स्टेशन के पास व 24 जुलाई को डांगुवापोसी की शाम बड़बिल पैसेंजर बेपटरी हुई थी। जांच का आदेश : इंजन लुढ़कने के कारणों की जांच होगी। चक्रधरपुर मंडल के परिचालन अधिकारी ने यह आदेश दिया है। वहीं, न्यू इलेक्ट्रिक लोको शेड के अधिकारी भी अपने स्तर से घटना की जांच कराएंगे। आखिर किसकी गलती से इंजन लुढ़की है।दुर्घटना टली : लोको शेड से बगैर चालक के लुढ़की इंजन ने करीब ढाई सौ मीटर की दूरी तय किया है। अगर ट्रैक मरम्मत मशीन से टकराकर बेपटरी न होती तो मेन लाइन पर दुर्घटना हो जाती। इससे पहले ब्रेक में खराबी के कारण टाटानगर स्टेशन की लाइन पर इंजन चुकी है। वहीं, यार्ड की लाइन में इस तरह की प्रतिवर्ष एक-दो घटनाएं होती हैं।

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  • Web Title:Engine spoiled rolling out of loco shade Loco shade rolled out of engine, two wounded