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30 मई, 2020|4:52|IST

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स्टील मेकिंग में वैकल्पिक ऊर्जा संसाधनों की खोज पर दिया गया जोर

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इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेटल्स, जमशेदपुर चैप्टर की ओर टाटा स्टील और एनएसएमल (सीएसआर) के सहयोग से गुरुवार को बिष्टूपुर स्थित एक होटल में स्टील मेकिंग एंड कास्टिंग-सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी एंड प्रैक्टिसेस विषय पर दो दिवसीय अंतराष्ट्रीय सम्मेलन की शुरुआत की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष एके रस्तोगी उपस्थित थे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में एनएमएल के निदेशक डॉ इंद्रनील चट्टोराज उपस्थित थे। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों ने दीप प्रज्जवलित कर किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि यह पूर्वी भारत में अपनी तरह का पहला सम्मेलन है। उन्होंने स्टील उद्योग द्वारा पर्यावरणीय मुद्दों को संबोधित करनेवाली नयी पहलों को समर्थन करने की अपनी इच्छा जतायी। डॉ सीएस चट्टोराज ने अपने संबोधन में नये वैकल्पिक सामाग्रियों की शुरूआत के कारण स्टील मेकिंग उद्योग किस प्रकार के खतरों का सामना कर रहा है। उन्होंने वैकल्पिक ऊर्जा संसाधनों की खोज पर जोर दिया। टाटा स्टील के उपाध्यक्ष (टेक्नोलॉजी एंड मैटेरियल बिजनेस) डॉ देबाशीष भट्टाचार्यी ने आयरन मेकिंग की तुलना में नयी टेक्नोलॉजी जैसे बीओएफ, ईएएफ आदि के विकास पर प्रकाश डाला। टाटा स्टील के उपाध्यक्ष (स्टील मैनुफैक्चरिंग) व संस्थान के संरक्षक सुधांशु पाठक ने डिजिटल और एनालिटिक्स शुरू करने के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि ये स्टील बनाने की प्रक्रियाओं को नई अंतर्दृष्टि प्रदान करेगी। इसके पहले संस्थान के चेयरमैन अक्षय खुल्लर ने स्वागत भाषण दिया। सम्मेलन में स्मारिका का विमोचन किया गया। धन्यवाद ज्ञापन पीपी साहु ने दिया। उद्घाटन सत्र के अंत में मेटा लॉजिकल सॉल्यूशंस, आस्ट्रेलिया के डॉ स्रीफ जहॉंशाही ने असेसमेंट ऑफ द यूज ऑफ बायोमास, डिजाइननर चार्स फॉर लो इमिशन स्टील प्रोडक्शन पर एक पेपर प्रस्तुत किया।

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  • Web Title:Emphasis placed on the exploration of alternative energy resources in steel making