Jamshedpur News: उत्कल एसोसिएशन साकची के गेट पर विपक्ष ने जड़ा ताला, सड़क पर हुआ चुनाव
Jamshedpur News: उत्कल एसोसिएशन का चुनाव सड़क पर कराने की नौबत आई, जहाँ मतदान प्रक्रिया में विपक्ष ने हस्तक्षेप किया। सुबह 7 बजे से गेट पर ताला जड़ने के कारण चुनाव बहिष्कार हुआ। अंत में, सड़क किनारे टेंट में मतदान शुरू हुआ, जिसमें 971 वोटरों में से 301 ने वोट डाला।

Jamshedpur News: उत्कल एसोसिएशन का चुनाव पहली बार सड़क पर कराना पड़ा। रविवार सुबह 9 बजे से वोटिंग प्रक्रिया शुरू होनी थी, लेकिन सुबह 7 से ही विपक्ष का हंगामा शुरू हो गया। उत्कल एसोसिएशन साकची के गेट पर विपक्ष ने सुबह 7 बजे से ही ताला जड़ दिया। हाई वोल्टेज ड्रामा के कारण दोपहर 12.30 बजे मतदान बाहर कराना पड़ा। विपक्षी सदस्य अशोक सामंत के नेतृत्व में एसोसिएशन का मुख्य गेट जाम कर चुनाव बहिष्कार व ब्लैक डे का पोस्टर लेकर धरने पर बैठ गए और गेट पर ताला जड़ दिया। किसी को भी अंदर जाने नहीं दिया। 109 नए सदस्यों को लेकर शुरू हुआ यह विवाद रविवार को काफी बढ़ गया। विपक्ष की ओर से मांग की जा रही थी कि सत्ता पक्ष हाईकोर्ट के निर्णय की कॉपी दिखा दे, हम गेट का ताला खोल देंगे। हाईकोट की कॉपी सत्ता पक्ष के पदाधिकारी नहीं दिखा पाए। सुबह 11.30 बजे अध्यक्ष डॉ. श्रीधर प्रधान के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल रविवार को एसडीओ के आवासीय कार्यालय पहुंचा तथा विपक्ष की ओर बाधा उत्पन्न करने की जानकारी दी। इस दौरान एसडीओ कार्यालय की ओर से कहा गया कि वे मामले को अच्छी तरह जानते हैं। उनका काम है सिर्फ विधि-व्यवस्था बनाए रखना। वहां से आने के बाद प्रतिनिधिमंडल ने सत्ता पक्ष के अन्य सदस्यों एवं चुनाव संचालन समिति से विचार-विमर्श के बाद सड़क किनारे बने टेंट में चुनाव कराने का निर्णय लिया गया। बैलेट बाक्स को टेंट में रखा गया। उसके बाद मतदान 12.20 बजे शुरू कराया गया।
मतदाता संख्या
971 में से 301 वोटरों ने किया मतदान
विपक्ष का प्रतिवाद
चुनाव में कुल 971 वोटरों में से 301 ने ही वोट डाला, क्योंकि प्रक्रिया देर से शुरू हुई थी।
विपक्ष की दलील
हमारा विरोध नए सदस्य एवं चुनाव प्रक्रिया को लेकर : अशोक सामंत
एसोसिएशन के कार्यकारिणी सदस्य अशोक सामंत का कहना था कि हम चुनाव के विरोधी नहीं है। जब मामला हाईकोर्ट में चला गया तो निर्णय का इंतजार करना चाहिए था। दो साल तक चुनाव नहीं हुआ और चार माह नहीं होता। जब इस चुनाव को लेकर प्रशासनिक स्तर से जांच हो चुकी है। जांच रिपोर्ट में सत्ता पक्ष के करतूत की पोल खोल दी गई है। इसके बावजूद सत्ता पक्ष के पदाधिकारियों को शर्म नहीं आ रही थी। वे चुनाव कराने की जिद पर अड़े थे। इस कारण हमें चुनाव बहिष्कार करना पड़ा और गेट पर ताला जड़ना पड़ा।
शांति बनाए रखना
झंझट नहीं करना था, इसलिए बाहर वोटिंग करने का निर्णय : तरुण महांती
महासचिव तरुण कुमार महांती ने कहा कि हमे झगड़ा नहीं करना था। विपक्ष चाहता था कि यहां शांति भंग हो और चुनाव स्थगित हो जाए, लेकिन हम ऐसा नहीं चाहते थे। हमारा मकसद था चुनाव कराना था, इसलिए हमने सदस्यों की सहमति से चुनाव करा लिया। भले ही वह बाहर हुआ। इसके अलावा शांति से चुनाव कराने का कोई दूसरा उपाय भी नहीं था।


