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दृष्टिदोष के कारण ट्रेन परिचालन ड्यूटी से 92 को हटाया

दृष्टिदोष के कारण ट्रेन परिचालन ड्यूटी से 92 को हटाया

टाटानगर व चक्रधरपुर मंडल के गार्ड, लोको पायलट व स्टेशन मास्टर नेत्र दृष्टिदोष के कारण ट्रेन परिचालन ड्यूटी से हटाए गए हैं। इनमें 22 सहायक लोको पायलट हैं। आठ स्टेशन मास्टर एवं दोनों गार्ड (मालगाड़ी व यात्री ट्रेनों) के गार्ड शामिल हैं। कुछ ऐसे भी रेलकर्मी हैं, जिन्होंने विभाग को सूचना दिए बगैर आंखों का ऑपरेशन कराया था। 2018 की रेलवे मेडिकल जांच के बाद कई स्टेशन मास्टरों को कार्यालय में नियुक्त किया गया था। नवंबर-दिसंबर की जांच में कई फंसे हैं। जबकि, सहायक लोको पायलट के मुद्दे पर चक्रधरपुर में मंत्रणा जारी है, ताकि टाटानगर, राउरकेला, चाईबासा व डांगुवापोसी सेक्शन से गार्ड-चालक व एसएम की समस्या दूर हो।संरक्षा व रनिंग रेलकर्मियों का मेडिकल : सुरक्षित ट्रेन परिचालन के मद्देनजर संरक्षा व रनिंग ड्यूटी रेलकर्मियों (एसएम, एलपी और गार्ड) का मेडिकल होता है। जांच में रेलवे आंखों की रोशनी पर विशेष ध्यान देता है, ताकि दूर से सिग्नल देखने की क्षमता और असाध्य रोग का पता चल सके। मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर परिचालन, रनिंग व संरक्षा श्रेणी के रेलकर्मी फिर नियुक्त होते हैं। मेंस कांग्रेस के महासचिव एसआर मिश्रा ने बताया कि गार्ड एवं स्टेशन मास्टर के रिक्त पदों का मामला गार्डेनरीच में उठा है। इससे दोनों श्रेणी के जूनियर को प्रमोशन देकर खाली पद को भरे जाएंगे। ट्रेन एवं वाणिज्य क्लर्क समेत प्वाइंटमैन को विभागीय परीक्षा से गार्ड व स्टेशन मास्टर बनने का अवसर मिलेगा।

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  • Web Title:Due to blindness 92 removed from the train operational duty