सदर में डायलिसिस सेंटर बंद, नहीं मिल रहा टेक्निशियन
सदर अस्पताल का डायलिसिस सेंटर 26 मई से बंद है। अस्पताल प्रबंधन को टेक्निशियन नहीं मिल रहा है। तीन बेड का सेंटर लंबे समय से बंद है। डॉ. फैजल भी छुट्टी पर हैं। टेक्निशियन की तलाश जारी है, लेकिन कोई उपयुक्त व्यक्ति नहीं मिल रहा। मरीज निजी अस्पतालों में डायलिसिस करा रहे हैं, जिससे खर्च बढ़ रहा है।

सदर अस्पताल का डायलिसिस सेंटर बीते 26 मई से बंद पड़ा है। अस्पताल प्रबंधन को अब तक ऐसा कोई टेक्निशियन नहीं मिल पाया है, जिसकी मदद से सेवा दोबारा शुरू की जा सके। सदर अस्पताल में तीन बेड का डायलिसिस सेंटर संचालित होता है, लेकिन पिछले कई दिनों से वहां कार्यरत टेक्निशियन के काम छोड़ देने के कारण डायलिसिस सेवा बंद है। इसके अलावा सेंटर की देखरेख करने वाले चिकित्सक डॉ. फैजल भी लंबी छुट्टी पर चले गए हैं। अस्पताल प्रबंधन ऐसे टेक्निशियन की तलाश कर रहा है, जो डायलिसिस सेवा संचालित कर सके, लेकिन अब तक कोई उपयुक्त व्यक्ति नहीं मिल पाया है। उपाधीक्षक डॉ. रंजीत पांडा ने बताया कि सरकार की ओर से टेक्निशियन के लिए करीब 15 हजार रुपये भुगतान का प्रावधान है, लेकिन इतनी राशि पर कोई काम करने को तैयार नहीं है। टेक्निशियन अधिक पारिश्रमिक की मांग कर रहे हैं, जिसके कारण समस्या बनी हुई है。
निजी अस्पताल में जाकर करा रहे डायलिसिस
एक मरीज की परिजन रितु साह ने बताया कि फिलहाल वे अपने मरीज का डायलिसिस निजी अस्पताल में करा रहे हैं। वहां सदर अस्पताल के कुछ अन्य मरीज भी डायलिसिस के लिए पहुंच रहे हैं। इससे इलाज का खर्च बढ़ गया है और मरीजों तथा परिजनों की परेशानी भी बढ़ रही है।
प्रश्न और उत्तर
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


