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भवन, कमरों और शिक्षकों की कमी, कैसे होगी बेहतर पढ़ाई

भवन, कमरों और शिक्षकों की कमी, कैसे होगी बेहतर पढ़ाई

डिग्री कॉलेजों में इंटरमीडिएट की पढ़ाई इस सत्र से बंद करने को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी नहीं हुआ है। ऐसे में कोल्हान के अंगीभूत डिग्री कॉलेजों, प्लस टू स्कूलों और इंटर कॉलेजों के जरिए इंटरमीडिएट की पढ़ाई का विकल्प है। लेकिन, प्लस टू स्कूलों में आधारभूत संरचना जैसे भवनों और कमरों की कमी, प्रयोगशाला का न होना और शिक्षकों की कमी के कारण गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई पर ही संशय है। वहीं, अधिकतर इंटर कॉलेजों में बेहतर शैक्षणिक व्यवस्था और माहौल की कमी से गुणवत्तापूर्ण शिक्षण नहीं हो रहा है। यही कारण है कि इस साल इंटरमीडिएट में जिले का रिजल्ट बेहतर नहीं हुआ। 20 प्लस टू स्कूल और इंटर कॉलेज बनेंगे विकल्प : शिक्षा विभाग ने इंटरमीडिएट की पढ़ाई के लिए इंटर कॉलेजों के साथ ही वर्तमान में चल रहे 11 प्लस टू स्कूल और इस वर्ष अपग्रेड किए गए 9 प्लस टू स्कूल (कुल 20) के जरिए इंटर की पढ़ाई का खाका तैयार किया है। विभाग की माने तो सभी प्लस टू स्कूलों और इंटर कॉलेजों को मिलाकर 27,264 विद्यार्थियों के पढ़ने की व्यवस्था है। सबसे अधिक छात्र जमशेदपुर में : जिले में इंटरमीडिएट के सर्वाधिक छात्रों के नामांकन की उम्मीद है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक 8802 विद्यार्थियों के नामांकन लेने की संभावना है। सबसे कम डुमरिया में 577 विद्यार्थियों के नामांकन की उम्मीद है। इन इंटर कॉलेजों से मिलेगी मदद -जेकेएस इंटर कॉलेज ऑफ कामर्स - श्यामा प्रसाद इंटरमीडिएट कॉलेज -सर जेजे गांधी कॉलेज, गदड़ा -राजेन्द्र इंटर कॉलेज - कबीर मेमोरियल कॉलेज, धतकीडीह - करीम सिटी इंटर कॉलेज - टिनप्लेट यूनियन महिला इंटर कॉलेज -पटमदा कॉलेज - आसनबनी इंटर कॉलेज -सिदो-कान्हू इंटर कॉलेज, मुसाबनी - माइंस इंटर कॉलेज, मुसाबनी - बीडीएसएल महिला कॉलेज पूर्वी सिंहभूम में इंटर कॉलेजों में सीट कॉलेज - आईए -आईएससी - आईकॉम वीमेंस कॉलेज - 780 - 540 - 780 करीम सिटी - 512 - 640 - 640 को-ऑपरेटिव - 640 - 640 - 640 ग्रेजुएट - 640 - 520 - 640 वर्कर्स कॉलेज - 612 - 612 - 612 एलबीएसएम - 513 - 513 - 513 एबीएम कॉलेज - 640 - 0 - 640 जेकेएस कॉलेज - 450 - 350 - 350 एसपी इंटर कॉलेज - 384- 384 - 384 बहरागोड़ा कॉलेज - 640 - 512 - 640 घाटशिला कॉलेज - 640 - 640 - 640 कोट-- इंटर कॉलेजों की मदद के बिना इंटरमीडिएट की पढ़ाई संभव नहीं है। सिर्फ प्लस टू स्कूल के जरिए ऐसा नहीं हो सकता। इसकी रिपोर्ट मानव संसाधन विभाग को दी गई है। वहीं, डिग्री कॉलेज में इंटरमीडिएट की पढ़ाई इस सत्र से बंद करने को लेकर स्पष्ट आदेश नहीं मिला है। ऐसे में हो सकता है कि इस वर्ष अंतिम बार डिग्री कॉलेज में इंटरमीडिएट की पढ़ाई हो। - राजकुमार प्रसाद सिंह, डीईओ, पूर्वी सिंहभूम

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  • Web Title: Deficit of buildings, rooms and teachers, how will better studies