
जागरूकता और सुविधाओं से घटे सेरेब्रल पाल्सी के मामले
जागरूकता और सुविधाओं के बढ़ने से सेरेब्रल पाल्सी के मामलों में कमी आई है। एमजीएम अस्पताल में मरीजों की संख्या पहले 25 से घटकर 15-20 हो गई है। समय पर गर्भावस्था की देखभाल और सुरक्षित प्रसव से मामलों...
जागरूकता और सुविधाओं के बढ़ने से सेरेब्रल पाल्सी के मामलों में पहले की अपेक्षा कमी आई है। अभी भी मरीज आ रहे हैं, लेकिन बेहतर सुविधाओं के कारण उनका इलाज समय पर हो पा रहा है। एमजीएम अस्पताल में पहले महीने में 25 तक मरीज आते थे, जो अब घटकर 15-20 हो गए हैं। शिशु रोग विभाग के डॉक्टर राघवेन्द्र ने बताया कि समय पर गर्भावस्था की देखभाल, सुरक्षित प्रसव और नवजात शिशु की निगरानी से इस बीमारी के मामलों में कमी आई है। पहले संसाधनों और जागरूकता की कमी के कारण इलाज देर से होता था, अब फिजियोथेरपी सेंटर, न्यूरोलॉजिकल स्क्रीनिंग और अर्ली इंटरवेंशन यूनिट्स के कारण इलाज समय पर हो रहा है।

उन्होंने कहा कि ये मामले शहर और ग्रामीण क्षेत्र दोनों जगहों से आते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ने से लोग अब घरों में प्रसव कराने के बजाय अस्पतालों में आ रहे हैं, जहां डॉक्टरों की निगरानी में प्रसव होता है। कई लोग एमजीएम में भी आते हैं, जहां शिशु के जन्म लेते ही किसी परेशानी पर इलाज उपलब्ध है। सुविधाओं के बढ़ने से बच्चों को समय पर उपचार मिल रहा है। विभाग के अध्यक्ष डॉ. रविन्द्र कुमार ने बताया कि महीने में 15-20 मामले आते हैं, जिनमें नए और पुराने दोनों केस शामिल हैं। क्या है सेरेब्रल पाल्सी यह बच्चों में पाई जाने वाली न्यूरोलॉजिकल विकार है, जो जन्म के पहले या तुरंत बाद मस्तिष्क को हुए नुकसान के कारण होती है। यह मांसपेशियों की गति, संतुलन और समन्वय को प्रभावित करती है। विशेषज्ञों के अनुसार हर एक हजार बच्चों में लगभग दो से तीन बच्चे इससे प्रभावित होते हैं।

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