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18 जनवरी, 2021|12:17|IST

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दाऊद के सहयोगी अब्दुल माजिद ने पाकिस्तान से गुजरात में मंगवाए थे हथियार

दाऊद के सहयोगी अब्दुल माजिद ने पाकिस्तान से गुजरात में मंगवाए थे हथियार

जमशेदपुर से गिरफ्तार दाऊद इब्राहिम के गुर्गे अब्दुल माजिद कुट्टी के बारे में गुजरात एटीएस के डीएसपी केके पटेल ने बताया कि उसने 23 दिसंबर 1996 को गुजरात के मेहसाणा में हथियार मंगवाया था। पुलिस ने उसके तीन साथियों को गिरफ्तार किया था। उनके पास से आरडीएक्स, 10 डेटोनेटर, 130 पिस्तौल (113 पाकिस्तानी, 17 चाइनीज), 113 मैगजीन, 750 कॉटेज बरामद हुए थे। इस संदर्भ में मेहसाणा थाने में मामला दर्ज किया गया था। सभी हथियार को पाकिस्तान से तस्करी कर राजस्थान बाड़मेर बॉर्डर से पार कर लाया गया था। इस मामले में कुट्टी ने ही अजमेर के मो. फजल, मो. उस्मान और मुम्बई के अनवर कुरैशी उर्फ पप्पू अख्तर को भेजा था। तीनों के पकड़े जाने के बाद एटीएस ने शकील इब्राहिम कुरैशी (बरेली, उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार किया था। बाद में मेहसाणा की अदालत ने कुट्टी के साथ ही दाऊद इब्राहिम, अबू सलेम, छोटा शकील के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी किया था।

कुट्टी के हथियार से 1997 में होना था धमाका

एटीएस के डीएसपी ने बताया कि कुट्टी के माध्यम से दाऊद इब्राहिम, अबु सलेम और छोटा शकील ने जिन हथियारों को मंगाया था, उसका इस्तेमाल गुजरात और महाराष्ट्र में 1997 के गणतंत्र दिवस के दौरान करना था। वारंट निकलने के बाद कुट्टी ने मुम्बई छोड़ दिया था।

सोना तस्करी था मुम्बई में पेशा

डीएसपी केके पटेल ने बताया कि कुट्टी का जन्म मुंबई के माहिम में 1962 में हुआ था। वह दसवीं क्लास तक पढ़ा। उसके पिता मो. अहमद एक दवा दुकान चलाते थे। 1978 में उनकी मौत हो गई। उनकी मौत के बाद कुट्टी 1984 में दुबई गया और ग्लास फीटिंग कंपनी में काम करने लगा। उसके बाद जह दुबई से लौटकर आया तो उसका संपर्क दाऊद इब्राहिम, अनीस इब्राहिम, अबू सलेम, मो. दोसा, मुस्तफा दोसा, छोटा शकील और टाइगर मेमन से हुआ। वह मुम्बई बम धमकों से पहले 1978 में भी दुबई गया था। उसका काम सोना की तस्करी और उसकी चोरी करना था। वह 1984 के बाद दाऊद इब्राहिम, छोटा शकील, अबू सलेम और टाइगर मेमन के अलावा अन्य अंडरवर्ल्ड के लोगों के लिए काम करता रहा। उसका काम दुबई से सोना तस्करी कर मुंबई लाना था।

1993 बम धमाकों में संलिप्तता की जांच

मुंबई में 1993 के बम धमाकों के बाद वह भी दाऊद इब्राहिम और अबू सलेम की आतंकी गतिविधियों से जुड़ा था। बम धमाकों में उसकी क्या भूमिका थी, उसपर एटीएस की टीम जांच कर रही है, क्योंकि कुट्टी 1984 के बाद लगातार इसी अंडरवर्ल्ड के संपर्क में रहा था।

अबू सलेम ने भेजा था हथियार

कुट्टी ने पूछताछ में बताया कि सोना तस्करी के लिए 1996 में जब वह दुबई गया तो अबू सलेम से वहां मुलाकात हुई। अबू सलेम ने उसे विस्फोटक की डिलीवरी के बारे में बताया था और साथ ही यह भी कहा था कि अजमेर के दो युवक मो. फजल, मो. उस्मान उसके पास जा रहे हैं। दोनों कुट्टी के पास मुम्बई गए, जहां से उसने यूपी के शकील इब्राहिम कुरैशी और अनवर कुरैशी को गुजरात भेजा। जब फजल और उस्मान गिरफ्तार हो गए तो कुट्टी अबू सलेम के कहने पर भागकर बैंकॉक चला गया। वह वहां 1999 तक रहा।

दुबई में मिला इनाम से

इधर फजल और उसके दोनों साथियों को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई तो इस बीच कुट्टी ने अपना नाम बदलने का फैसला किया। इसके लिए उसने दुबई में मिले जमशेदपुर के इनाम से सम्पर्क किया। दुबई में वर्ष 1998 में जमशेदपुर के टेल्को के इनाम नामक युवक से उसकी एक रेस्तरां में मुलाकात हुई थी। इनाम जिस कंपनी में काम के लिए गया था, उस कंपनी ने उसे निकाल दिया था। कुट्टी से मिलने पर उसने मदद की थी। कुट्टी और इनाम दोनों लगातार सम्पर्क में रहे।

वर्ष 2000 में पटना से बनाया पासपोर्ट

इसी मदद का फायदा उठाकर कुट्टी ने इनाम से वर्ष 2000 में मदद मांगी। उसके बाद वह मलेशिया होकर जमशेदपुर आया और इनाम के साथ पटना जाकर अपना पासपोर्ट बनवाया। उसमें इनाम ने अपने बारीनगर का पता दिया। उसमें कुट्टी ने अपना नाम व पता सब कुछ बदल लिया। उसका पासपोर्ट पटना से वर्ष 2000 में बना।

नए पासपोर्ट के साथ मलेशिया में बसा

इस पासपोर्ट से कुट्टी ने दुबई से कुआलालंपुर मलेशिया के लिए सफर तय किया। मलेशिया में पहले वह एक टेक्सटाइल इंडस्ट्री में काम करने लगा। उसके बाद धीरे-धीरे उसने वहां अपना फर्नीचर का कारोबार शुरू कर दिया और वहीं बस गया। इस बीच 2019 के मार्च में अज्ञात कारणों से उसकी 15 वर्षीय बेटी की मौत हो गई। कुट्टी को लगा कि यह मौत जादू-टोना से हुई है। उसके पासपोर्ट का भी रिनुअल खत्म हो रहा था, जिसके बाद वह मलेशिया से कोलकाता होकर जमशेदपुर चला आया।

चावल निर्यात की फिराक में था

एटीएस को कुट्टी ने बताया कि जमशेदपुर में वह मई में आया। एक सप्ताह बारीनगर में रहा। उसके बाद उसने विज्ञापन देखकर मकान के लिए साकची के प्रापर्टी डीलर से अपने एक साथी के माध्यम से सम्पर्क किया और मानगो के सहारा सिटी में आ गया। यहां से वह चावल निर्यात की कार्ययोजना तैयार कर रहा था। बीच में लॉकडाउन होने के चलते उसने कारोबार शुरू नहीं किया। वह लुधियाना के एक व्यापारी के सम्पर्क में था कि पकड़ा गया।

छोटा राजन गिरोह ने किया था कुट्टी पर हमला

कुट्टी ने बताया कि दक्षिण मुम्बई में कुट्टी पर छोटा राजन गिरोह द्वारा फायरिंग की गयी थी। छोटा राजन जानता था कि कुट्टी ही एक ऐसा सूत्रधार है, जो दाऊद और अबू सलेम के सीधे सम्पर्क में है। इसके लिए उसने उसपर वर्ष 1995 में फायरिंग करवाई थी, जिसके बाद कुट्टी ने दाऊद के साथ मिलकर अपनी सक्रियता बढ़ा ली थी।

दूसरी पत्नी है आयशा

पूछताछ में कुट्टी ने बताया कि आयशा उसकी दूसरी पत्नी है। पहली पत्नी ने बम धमकों और उसके बाद जब पुलिस की टीम उसे ढूंढ रही थी तब उसे छोड़कर केरल चली गयी। उसके बाद उसका सम्पर्क नहीं हुआ। रिश्तदारों के माध्यम से आयशा से उसकी शादी हुई। उसकी एक बेटी की मौत बीमारी से हो गयी है। अब दो बेटे और एक बेटी हैं।

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  • Web Title:Dawood 39 s aide Abdul Majid had brought weapons from Pakistan to Gujarat