महिला से पुरुष तक की सेहत सुधार रही साइकिल, भगा रहीं बीमारियां

Newswrap हिन्दुस्तान, जमशेदपुर
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शहर में साइकिलिंग बच्चों के साथ-साथ महिलाओं और बुजुर्गों की भी पहली पसंद बनती जा रही है। यह शौक पूरा करने के साथ-साथ सेहत को भी दुरुस्त रखती है।

महिला से पुरुष तक की सेहत सुधार रही साइकिल, भगा रहीं बीमारियां

शहर में साइकिलिंग बच्चों के साथ-साथ महिलाओं और बुजुर्गों की भी पहली पसंद बनती जा रही है। यह शौक पूरा करने के साथ-साथ सेहत को भी दुरुस्त रखती है। यही कारण है कि यहां साइकिलिंग के कई क्लब और समूह तैयार हो गए हैं। जमशेदपुर के 63 वर्षीय शरद सिंह ने पिछले एक साल में 16 हजार किमी साइकिल चलाकर बेंगलुरु रेंडोनियर्स का पुरस्कार जीता। पहले टाटा स्टील में कार्यरत रहे शरद अब सॉफ्टवेयर डेवलपर हैं और रोज 40-50 किमी साइकिल चलाते हैं। उनका कहना है कि साइकिलिंग की वजह से उन्हें कोई बीमारी नहीं है।टाटा स्टील में जूनियर इंजीनियर 35 वर्षीय अवनीत सिंह ‘स्टील साइकलोज’ समूह से जुड़े हैं।

वह रोज 50 किमी और सप्ताहांत में 100 किमी तक साइकिल चलाते हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय पेरिस-ब्रेस्ट-पेरिस स्पर्धा में 83 घंटे में 1,250 किमी की दूरी तय कर पुरस्कार जीता है।आयरनमैन बने महिला-पुरुष32 वर्षीय अनंत राणा न्यूजीलैंड और लंदन में जाकर दो बार फुल आयरनमैन पूरा कर चुके हैं। इसमें निर्धारित समय में 180 किमी साइकिलिंग, 42 किमी दौड़ और 3.8 किमी तैराकी पूरी करनी होती है। वहीं, जमशेदपुर की डॉ. नीलम जैन और नेहा चावला सहित तीन पुरुषों ने हाफ आयरनमैन पूरा किया है। इसमें सभी दूरियां आधी हो जाती हैं। ये सभी नियमित रूप से साइकिल चलाते हैं। साइकिलिंग की आदत ने ही इन्हें यह उपलब्धि दिलाई है।पहाड़ों पर भी साइकिलट्रेल डाइव समूह के 21 वर्षीय साइमन ने बताया कि वे लोग नियमित रूप से पहाड़ों पर साइकिल चलाते हैं। इस समूह में अधिकतर सदस्य कम उम्र के हैं। वे पिछले सप्ताह रांची में आयोजित एक प्रतियोगिता में भी भाग ले चुके हैं। इन सभी की फिटनेस बेहतर है और ये किसी तरह की दवा का सेवन नहीं करते। उनका कहना है कि साइकिलिंग उनका शौक तो है ही, साथ ही इससे शरीर को ऊर्जा मिलती है, जो उन्हें फिट रखती है।6 लाख तक की कार्बन साइकिलये सभी साइकिलिस्ट अच्छी और महंगी साइकिलें चलाते हैं। उनका कहना है कि बाजार में तीन हजार रुपये से लेकर डेढ़ लाख रुपये तक की साइकिलें उपलब्ध हैं। अवनीत के पास करीब छह लाख रुपये की कार्बन साइकिल है, जिसका वजन मात्र 7.2 किलोग्राम है। शहर में दो लाख रुपये तक की साइकिल रखने वाले भी कई लोग हैं।बीमारियों को रोकने में मददगार है साइकिलिंगएमजीएम के अधीक्षक और फिजिशियन डॉ. बलराम झा ने कहा कि शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण मधुमेह, उच्च रक्तचाप, फैटी लिवर, हृदय रोग, किडनी और लिवर संबंधी समस्याएं तथा कोलेस्ट्रॉल बढ़ने जैसी शिकायतें होती हैं। साइकिलिंग इन सभी स्थितियों में लाभकारी साबित हो सकती है। कमर दर्द से परेशान लोगों को भी इससे फायदा मिलता है।

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