बेहतर रिजल्ट वाले विद्यार्थी साइबर ठगों के निशाने पर

May 05, 2026 02:27 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, जमशेदपुर
share

आईसीएसई बोर्ड का रिजल्ट जारी होते ही साइबर ठग सक्रिय हो गए हैं। ठग खुद को विश्वविद्यालयों का प्रतिनिधि बताकर विद्यार्थियों को फर्जी लिंक भेज रहे हैं। ऐसे करीब 10 मामले सामने आए हैं, जिनमें छात्रों को निजी जानकारी देने के लिए कहा गया। अभिभावकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

बेहतर रिजल्ट वाले विद्यार्थी साइबर ठगों के निशाने पर

आईसीएसई बोर्ड का रिजल्ट जारी होते ही साइबर ठग सक्रिय हो गए हैं और बेहतर अंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों को निशाना बना रहे हैं। ठग खुद को प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों का प्रतिनिधि बताकर छात्रों और उनके अभिभावकों को फर्जी लिंक भेज रहे हैं। इनके जरिए एडमिशन, स्कॉलरशिप या विशेष ऑफर का लालच देकर ठगी करने का प्रयास किया जा रहा है। साइबर सेल में ऐसे करीब 10 मामले सामने आए हैं, जिनमें व्हाट्सएप के जरिए छात्रों को संदिग्ध लिंक भेजे गए। कई अभिभावकों ने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई है कि उनके बच्चों को बेहतर रिजल्ट के आधार पर नामी विश्वविद्यालयों में सीधे दाखिले का झांसा दिया जा रहा है। लिंक पर क्लिक करते ही निजी जानकारी मांगी जाती है या फिर भुगतान करने का दबाव बनाया जाता है। ठग विशेष रूप से उन छात्रों को टारगेट कर रहे हैं, जिन्होंने अच्छे अंक प्राप्त किए हैं। ये ठग डेटा जुटाकर छात्रों के नाम, अंक और स्कूल की जानकारी का इस्तेमाल कर भरोसा जीतने की कोशिश करते हैं। इसके बाद व्हाट्सएप मैसेज या ईमेल के जरिए फर्जी ऑफर भेजे जाते हैं。

केस 1

कदमा के छात्र वैश्नव ने आईएससी की परीक्षा में 85 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। उसने डीयू में एडमिशन के लिए गूगल पर सर्च किया था। एक लिंक पर क्लिक करने के बाद उसने अपनी सारी जानकारी भरी। थोड़ी देर बाद उसे ईमेल के जरिए एक लिंक प्राप्त हुआ। लिंक पर क्लिक करते ही उससे रुपयों की मांग की गई।

केस 2

सोनारी निवासी काजल को भी व्हाट्सएप पर अनजान नंबर से लिंक भेजा गया। लिंक पर क्लिक करते ही एक निजी यूनिर्वसिटी की वेबसाइट खुल गई। हालांकि यह फर्जी वेबसाइट थी। जहां पर बैंक के डिटेल्स मांगे जा रहे थे।

एक्सपर्ट व्यू : प्रतिष्ठित संस्थान खुद पहल नहीं करते, इसीलिए एहतियात जरूरी

साइबर एक्सपर्ट डीएसपी मनोज ठाकुर बताते हैं कि प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान कभी व्हाट्सएप या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए एडमिशन के लिए लिंक नहीं भेजते। ऐसे में अभिभावकों को पूरी तरह छानबीन कर ही आगे बढ़ना चाहिए।

किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें और किसी भी संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट के अलावा अन्य माध्यमों पर भरोसा न करें। एडमिशन या स्कॉलरशिप से जुड़े किसी भी प्रस्ताव की पुष्टि संबंधित संस्थान से सीधे संपर्क कर ही करें। ऐसी कोई भी लिंक आने पर एनसीआरबी की वेबसाइट या प्रतिबिंब एप के अलावा 1930 पर इसकी शिकायत जरूर करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

साइबर ठग किस प्रकार के लिंक भेजते हैं?
साइबर ठग खुद को प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों का प्रतिनिधि बताकर छात्रों और अभिभावकों को फर्जी लिंक भेजते हैं।
Hindustan

लेखक के बारे में

Hindustan
हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।