आईसीयू और वेंटिलेटर नहीं, परिजनों से लिखित सहमति लेकर करते हैं भर्ती

आईसीयू और वेंटिलेटर नहीं, परिजनों से लिखित सहमति लेकर करते हैं भर्ती

संक्षेप:

एमजीएम अस्पताल में आईसीयू और वेंटिलेटर की कमी गंभीर मरीजों के लिए समस्या बन गई है। हर महीने 70-80 मरीजों को रेफर किया जाता है, लेकिन कई मरीज अन्य अस्पतालों तक नहीं पहुँच पाते। ऐसे में मरीजों की स्थिति बिगड़ जाती है और कई की मौत हो जाती है। परिवारों को आर्थिक परेशानी का भी सामना करना पड़ता है।

Dec 09, 2025 06:39 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, जमशेदपुर
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एमजीएम अस्पताल में आईसीयू और वेंटिलेटर सुविधा नहीं होना गंभीर मरीजों के लिए लगातार मुसीबत बनता जा रहा है। यहां आने वाले कई मरीजों को या तो रेफर किया जाता है या फिर इस शर्त पर भर्ती किया जाता है कि अस्पताल में आईसीयू और वेंटिलेटर उपलब्ध नहीं हैं। इसके लिए परिजनों से लिखित सहमति ली जाती है और उसी आधार पर मरीज को रखा जाता है। हर महीने करीब 70 से 80 मरीज ऐसे होते हैं जिन्हें रेफर किया जाता है, लेकिन इनमें कई मरीज ऐसे होते हैं जो रांची रिम्स तक जाने की स्थिति में नहीं होते या वहां जाने में सक्षम नहीं हैं।

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मजबूरी में वे एमजीएम में ही इलाज कराते हैं और पर्याप्त सुविधा न मिलने के कारण कई मरीज दम तोड़ देते हैं। मरीजों ने बताया कि रेफर किए जाने पर 108 एंबुलेंस अक्सर तुरंत उपलब्ध नहीं होती। ऐसे में उन्हें निजी वाहन का सहारा लेना पड़ता है, जिस पर करीब 5000 रुपये तक खर्च हो जाता है। गरीब परिवारों के लिए यह राशि जुटाना भी बड़ी चुनौती है। केस-1 सुरुबती मुखी को तीन दिनों से इमरजेंसी में रखा गया था। उनके बेटे संटू मुखी ने बताया कि इलाज का कोई लाभ नहीं हुआ, उल्टा उनकी मां की स्थिति और बिगड़ गई। सांस लेने में दिक्कत बढ़ गई और आईसीयू या वेंटिलेटर सुविधा न होने के कारण उन्हें रिम्स रेफर कर दिया गया। परिजन उन्हें अब भुवनेश्वर ले जा रहे हैं, जहां रिश्तेदार भी हैं और अस्पताल की सुविधाएं बेहतर हैं। उन्होंने कहा कि एमजीएम में आईसीयू सहित अन्य सुविधाएं बढ़ाई जानी चाहिए। केस-2 बारीडीह के सोमोन सरकार ने बताया कि उनके पिता तरुण कुमार सांस लेने में दिक्कत सहित कई समस्याओं से जूझ रहे हैं। उन्हें आईसीयू और वेंटिलेटर जैसी सुविधाओं की जरूरत है, लेकिन अस्पताल में यह उपलब्ध नहीं है। बाहर ले जाना संभव नहीं होने के कारण वे पिता का इलाज यहीं करा रहे हैं। भर्ती करने से पहले उनसे इस बात पर हस्ताक्षर कराया गया कि अस्पताल में आईसीयू और वेंटिलेटर की सुविधा नहीं है, फिर भी वे उपचार जारी रखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि डॉक्टर और नर्स अपना काम अच्छी तरह कर रहे हैं, लेकिन अस्पताल में सुविधाएं बढ़ाना बेहद जरूरी है।