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23 अक्तूबर, 2020|5:57|IST

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दो घंटे इलाज के लिए तड़पता रहा कोरोना मरीज, मौत

दो घंटे इलाज के लिए तड़पता रहा कोरोना मरीज, मौत

एक ओर कोरोना सब लोगों की जान बचाने के लिए सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं जिले का एक मात्र सरकारी कोविड अस्पताल अपने पुराने लापरवाह रवैये से बाज नहीं आ रहा है। बुधवार को एमजीएम के इसी रवैय्ये के कारण एक कोरोना मरीज करीब ढ़ाई घंटे तक इलाज के लिए तड़पता रहा और अंत में उसकी जान चली गई। जानकारी के अनुसार टुइलाडुंगरी निवासी 52 वर्षीय एक अधेड़ को गत एक सप्ताह पूर्व कोरोना की पुष्टि हुई थी। अधेड़ के परिजन ने बताया कि एक सप्ताह पूर्व रिपोर्ट पॉजिटिव आने के वक्त ही मरीज की तबीयत खराब थी, पर एमजीएम के डॉक्टरों ने उसे होम आईसोलेशन में रखने को कहा। इधर, गत मंगलवार को मरीज की तबीयत काफी बिगड़ गई और उसे सांस लेने में दिक्कत होने लगी। बुधवार सुबह 8 बजे एम्बुलेंस-108 से लेकर एमजीएम पहुंचे। मरीज के पहुंचते ही ऑक्सीजन लगवा दिया गया। रजिस्ट्रेशन पर्चा बनवाने के बाद कहा गया कि ओपीडी-7 (कोरोना ओपीडी) में जाकर बाकी प्रक्रिया करें, पर ओपीडी-7 में कोई भी कर्मचारी नहीं था। बताया गया कि लगभगत 10 बजे कर्मचारी आएंगे। इतनी देर तक परिजन अस्पताल का चक्कर काटते रहे, पर मरीज को भर्ती नहीं लिया गया, न ही समुचित इलाज शुरू हुआ। इसी दौरान लगभग 10.30 बजे मरीज की इलाज के अभाव में मौत हो गई। एमजीएम के अधीक्षक डॉ. संजय कुमार का कहना है कि इस मामले की पूरी जानकारी नहीं है। इस बारे में जानकारी ली जाएगी। ओपीडी-7 में अगर ड्यूटी के दौरान कर्मचारी गायब थे, तो इसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

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  • Web Title:Corona patient suffering for two hours of treatment dies