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जमशेदपुरकोरोना अभी खत्म नहीं हुआ, सतर्कता अब भी जरूरी

हिन्दुस्तान टीम,जमशेदपुरPublished By: Newswrap
Tue, 01 Jun 2021 04:40 PM
कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ, सतर्कता अब भी जरूरी

जमशेदपुर समेत पूरे राज्य में संभवत: तीन जून से अनलॉक शुरू हो रहा है। ऐसे में शहर के ज्यादातर बुद्धिजीवियों का मानना है कि कोरोना अभी समाप्त नहीं हुआ है, इसलिए लोगों को सतर्कता बरतनी होगी। कोरोना के थर्ड वेव की आशंका को लेकर सरकार को ढिलाई नहीं देनी चाहिए।

कैट के राष्ट्रीय सचिव सुरेश सोन्थलिया कहते हैं कि अभी झारखण्ड में कोरोना ढलान पर है I फिर भी सतकर्ता ज़रूरी है। ऐसे में सरकार लॉकडाउन बढ़ाती है तो कोई दिक्कत नहीं है, मगर सभी प्रकार की व्यवसायिक गतिविधियों को भी छूट मिले। वर्ना बेरोजगारी बढ़ेगी। व्यापारियों पर राज्य सरकार के करों के भुगतान, औपचारिक और अनौपचारिक स्रोतों, ईएमआई, जल, बिजली बिल, संपत्ति कर, ब्याज, मजदूरी भुगतान को लेकर लिए गए ऋण की मासिक किस्तों के भुगतान को पूरा करने में सुविधा होगी।

सिंहभूम चैम्बर ऑफ कॉमर्स के उपाध्यक्ष विजय आनंद मूनका कहते हैं कि डेढ़ माह से राज्य में लॉकडाउन है I व्यापार बंद है I कोरोना संक्रमण की दर में लगातार गिरावट आ रही है I सरकार अब अनलॉक करने जा रही है I सरकार कम समय के लिए ही सही कोरोना प्रोटोकॉल के अनुपालन के साथ सभी प्रकार के व्यवसाय के लिए अनुमति दे I लॉकडाउन में कंपनियां खुली, लेकिन कम्पनियों को जो समान चाहिए वह दुकानें बंद हैं I अब संभावित अनलॉक में व्यापरियों को सरकार रियायत दे तो अच्छा है I

सदर अस्पताल के डॉ. विमलेश कुमार के मुताबिक सरकार अनलॉक वन लागू करे लेकिन अभी किताब-कॉपी के अलावा किसी अन्य दुकान को छूट नहीं दे। सदर अस्पताल के डॉ. विमलेश कुमार के अनुसार सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक की छूट बहुत है। ढिलाई देने से लोग कोरोना नियम का उल्लंघन करेंगे, जिससे फिर संक्रमण बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि कोरोना के तीसरे लहर से निपटने के लिए अभी सिनेमा हॉल, क्लब, जीमखाना व रिस्टोरेंट को छूट देने की जरूरत नहीं है।

समाजसेवी डॉ. पवन कुमार पांडेय के अनुसार झारखंड राज्य में मिनी लॉकडाउन के निर्देशो के कारण करोना के मामलों में भारी कमी आई हैं। इसलिए झारखंड सरकार को यदि कोई छूट देने हैं, तो इसका ध्यान अवश्य रखना होगा कि लोग सामाजिक दूरी का पालन अवश्य करें। क्योंकि अभी तीसरी लहर का खतरा टला नहीं है और विशेषज्ञों के अनुसार यह छोटे बच्चों पर ज्यादा प्रभाव डालेगी। जो बड़ों के कारण फैल सकता है। इसलिए सतर्कता जरूरी है।

शिक्षाविद् पद्मजा सेन कहती हैं कि पहले अनलॉक में जरूरी वस्तुओं की दुकानें खोली जा सकती हैं। कम समय के लिए खोलने से एक ही वक्त पर दुकानों में भीड़ बढ़ जाती है। इससे हमें बचना होगा। इस दौरान सामाजिक, राजनीतिक या धार्मिक कार्यक्रमों की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए। बच्चों का टीकाकरण अभी नहीं हुआ है, इसलिए स्कूल नहीं खोलने चाहिए। लोगों को कोविड गाइडलाइन के अनुरूप व्यवहार का निर्देश देना चाहिए।

करीम सिटी कॉलेज के प्राचार्य मो. रेयाज कहते हैं कि अगर राज्य में अनलॉक होता है तो कुछ सावधानियां बरतनी होगी। सरकारी या प्राइवेट कार्यालय 30% स्टाफ के साथ खोला जाना चाहिए। बाजार का समय सुबह 7:00 से दोपहर 3:00 हो। दुकानें धीरे-धीरे खुलनी चाहिए। स्कूल और कॉलेज को अभी खोलना सही नहीं होगा। लॉक वन में शिक्षण संस्थानों में ऑनलाइन क्लास को ही जारी रखना बेहतर होगा।

अधिवक्ता हामिद रजा खान कहते हैं कि 3 जून से झारखंड में अनलॉक होने के आसार हैं। राज्य को आर्थिक मजबूती मिलेगी। पर यह सोचना की कोरोना खत्म हो गया, यह हमारी भूल होगी। क्योंकि फर्स्ट वेव में ऐसी भूल करके हम अपने कई लोगों को खो चुके हैं। इसलिए अनलॉक के साथ कोई ढिलाई नहीं होनी चाहिए। कोविड गाइडलाइन के उल्लंघन के खिलाफ और कड़ा जुर्माना प्रावधान होना चाहिए, ताकि लोग अनलॉक को छूट के रूप में ना लें।

अधिवक्ता राजहंस तिवारी कहते हैं कि झारखंड सरकार द्वारा आहूत लॉकडाउन 3 जून से समाप्त होने के आसार हैं। पर देखा जाए तो इसके बाद भी झारखंड में लॉकडाउन की आवश्यकता है। परंतु छोटे व्यापारियों, ठेले खोमचे वालों को जिनकी रोजी-रोटी रोज काम करने पर निर्भर है। उन्हें कम से कम राहत देने की बात होनी चाहिए और सामाजिक दूरी का पालन करते हुए बड़े होटल और रेस्टोरेंट को केवल पार्सल की सुविधा रहने देना चाहिए।

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