पुलिस का कारनामा : गिरफ्तार 16 साल का किशोर 24 घंटे में हो गया 19 साल का

Apr 08, 2026 06:05 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, जमशेदपुर
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टेल्को लेबर ब्यूरो गोलचक्कर के पास जिंदा गोलियों के साथ पकड़े गए आरोपी को पुलिस ने नाबालिग बताया, लेकिन 24 घंटे बाद उसे 19 वर्ष का बताया गया और जेल भेजा गया। परिवार ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। मामले में आरोपी की उम्र की जांच और मेडिकल परीक्षण की मांग की गई है।

पुलिस का कारनामा : गिरफ्तार 16 साल का किशोर 24 घंटे में हो गया 19 साल का

टेल्को लेबर ब्यूरो गोलचक्कर के पास जिंदा गोलियों के साथ पकड़े गए एक आरोपी को पुलिस ने बालिग बताकर जेल भेज दिया। यह मामला अब विवादों में घिर गया है। गिरफ्तारी के समय जहां पुलिस ने उसे नाबालिग बताया था, वहीं 24 घंटे के भीतर ही उसकी उम्र 19 वर्ष दर्शाते हुए उसे घाघीडीह सेंट्रल जेल भेज दिया गया। इसको लेकर परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। जानकारी के अनुसार, सोमवार दोपहर टाइगर मोबाइल की टीम को लेबर ब्यूरो गोलचक्कर के पास कुछ युवकों की गतिविधियां संदिग्ध लगी। पुलिस के पहुंचते ही तीन युवक फरार हो गए, जबकि एक आरोपी को पकड़ लिया गया।

तलाशी के दौरान उसके पास से 10 जिंदा गोलियां बरामद की गईं। इसके अलावा एक बाइक भी जब्त की गई, जो चोरी की बताई जा रही है। गिरफ्तारी के बाद टेल्को थाना पुलिस ने प्रारंभिक जांच में आरोपी को नाबालिग बताया था। आधार कार्ड के अनुसार उसकी जन्मतिथि 3 नवंबर 2010 दर्ज है, जिसके आधार पर गिरफ्तारी के समय उसकी उम्र करीब 15 वर्ष 5 माह बताई जा रही थी। परिजनों ने भी उसकी उम्र 16 वर्ष के आसपास होने का दावा किया।24 घंटे में साढ़े तीन साल बढ़ गई उम्रमंगलवार को जब आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजा गया तो उसकी उम्र 19 वर्ष दर्शाई गई। इस तरह महज 24 घंटे में ही उसकी उम्र में लगभग साढ़े तीन वर्ष की बढ़ोतरी दिखाए से मामला संदिग्ध हो गया है। परिजनों का कहना है कि अगर आरोपी नाबालिग था तो उसे रिमांड होम भेजा जाना चाहिए था न कि जेल। इस मामले में टेल्को थाना के एसआई सोहन लाल के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि बिरसानगर निवासी एक युवक ने उसे गोलियां रखने के लिए दी थीं। आरोपी के अनुसार, उक्त युवक के पास एक पिस्तौल थई, जबकि उसके साथ मौजूद दो अन्य युवकों के पास देसी कट्टे थे। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर देर रात संबंधित युवक के घर पर छापेमारी भी की, लेकिन वह फरार मिला।नाबालिग की होगी मेडिकल जांचइधर, उम्र को लेकर उठे विवाद ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारों का कहना है कि नाबालिग और बालिग की स्थिति स्पष्ट करने के लिए दस्तावेजों की जांच और मेडिकल परीक्षण जरूरी होता है, लेकिन इस मामले में जल्दबाजी में निर्णय लेने के आरोप लग रहे हैं।--------परिजनों ने उम्र को लेकर कोई दस्तावेज नहीं दिया है। इसलिए उसे बालिग मानते हुए जेल भेजा गया है। यदि दस्तावेज मिलेगा तो कोई कदम उठाया जाएगा।- सुरेश प्रसाद, थाना प्रभारी टेल्को

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