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फाइलेरिया की दवा खाने से नहीं फूलेगा हाथ-पैर : सिविल सर्जन

फाइलेरिया से दिव्यांगता का खतरा होने के साथ हाथ-पांव फूलने (हाथी पांव) और हाइड्रोसिल पर भी प्रभाव पड़ता है। इसलिए फाइलेरिया से बचाव की दवा का सेवन...

फाइलेरिया की दवा खाने से नहीं फूलेगा हाथ-पैर : सिविल सर्जन
हिन्दुस्तान टीम,जमशेदपुरFri, 09 Feb 2024 05:45 PM
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फाइलेरिया से दिव्यांगता का खतरा होने के साथ हाथ-पांव फूलने (हाथी पांव) और हाइड्रोसिल पर भी प्रभाव पड़ता है। इसलिए फाइलेरिया से बचाव की दवा का सेवन सभी को करना चाहिए। परसूडीह कार्यालय में गुरुवार को प्रेस वार्ता कर सिविल सर्जन डॉ. जुझार माझी ने ये बातें कहीं। उन्होंने बताया कि फाइलेरिया उन्मूलन अभियान जिले में 10 से 25 फरवरी तक ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) कार्यक्रम चलेगा।
18 लाख 89 हजार 664 लोगों को स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर डीईसी एवं अल्बेंडाजोल की दवा खिलाएंगे। इसके लिए जिले में 10 फरवरी को 2123 बूथ बनेंगे। इन बूथों पर 4379 स्वास्थ्यकर्मी, सहिया, आंगनबाड़ी सेविकाएं दवा देंगी। उन्होंने बताया कि घर-घर दवा खिलाने का अभियान 11 फरवरी से शुरू होगा। बताया जाता है कि जिले में अभी फाइलेरिया के 1790 चिह्नित मरीज हैं। सिविल सर्जन ने कहा कि पांच वर्ष नि:शुल्क दवा का सेवन करने से झारखंड फाइलेरिया मुक्त होगा। उन्होंने बताया कि दवा भूखे पेट नहीं खानी है। साथ ही 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती व गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को भी नहीं खिलाई जाएगी।

एनसीसी कैडेट ने निकाली रैली

एनसीसी से जुड़े विभिन्न स्कूलों एवं कॉलेजों से जुड़े छात्रों ने गुरुवार को फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के मद्देनजर जागरूकता रैली निकाली। जबकि सिविल सर्जन डॉ. जुझार माझी ने परसूडीह कार्यालय से 10 फाइलेरिया जागरूकता वैन को रवाना किया, जो तीन दिन तक जिले की सभी पंचायतों में घूमकर ग्रामीणों को बचाव के प्रति जागरूक करेंगी। सिविल सर्जन ने कहा कि अभियान में स्कूली बच्चों को भी जोड़ा गया है, ताकि वे अभिभावकों को दवा खाने के लिए प्रेरित करें।

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