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सरस्वती शिशु विद्या मंदिर शास्त्रीनगर में संकुल स्तरीय शिशु वाटिका कार्यशाला का हुआ आयोजन

जमशेदपुर। सरस्वती शिशु विद्या मंदिर शास्त्रीनगर ब्लॉक - 4 कदमा में संकुल स्तरीय एक दिवसीय शिशु वाटिका कार्यशाला का आयोजन किया...

सरस्वती शिशु विद्या मंदिर शास्त्रीनगर में संकुल स्तरीय शिशु वाटिका कार्यशाला का हुआ आयोजन
हिन्दुस्तान टीम,जमशेदपुरTue, 07 May 2024 12:45 PM
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जमशेदपुर। सरस्वती शिशु विद्या मंदिर शास्त्रीनगर ब्लॉक - 4 कदमा में संकुल स्तरीय एक दिवसीय शिशु वाटिका कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन बागबेड़ा संकुल विद्यालय के सचिव डॉ कविता परमार, विद्या अध्यक्ष सह संकुल संयोजक अरविन्द सिंह, संकुल प्रमुख रंजय राय, विद्या विकास समिति के विभाग प्रमुख तुलसी प्रसाद ठाकुर, शास्त्रीनगर विद्यालय के सचिव अरुण कु सिंह, कोषाध्यक्ष सावरमल शर्मा एवं प्रधानाचार्य सत्येंद्र कुमार एवं अन्य अतिथि द्वारा माता सरस्वती ओम एवं भारत माता के चित्र पर दीप प्रज्वलन व पुष्प अर्पित कर किया। कार्यशाला में उपस्थित अतिथियों का परिचय प्रधानाचार्य सत्येंद्र कुमार द्वारा कराया गया। तत्पश्चात शिशु वाटिका कार्यशाला की भूमिका शिशु वाटिका के विभाग प्रमुख रिंकी सिंह द्वारा प्रस्तुत किया गया। जिसमें उन्होंन कहा एक दिवसीय संकुल स्तरीय कार्यशाला का आयोजन करने का उद्देश्य क्रिया आधारित शिक्षण के माध्यम से संकुल के समस्त शिशु वाटिका के शिक्षण को प्रभावी बनाना। तत्पश्चात संकुल विद्यालय एवं विभाग के शिशु वाटिका प्रमुखों द्वारा संकुल के समस्त शिक्षिकाओं को विभिन्न विषयों का शिक्षण क्रिया आधारित अथार्त गीत, खेल एवं नृत्य के माध्यम से शिक्षण का अभ्यास कराया गया। क्रिया कलाप के अंतर्गत उन्होंने शिशुओं के कोमल अंगों का विकास को लेकर बाती का निर्माण कर दीया में लगाकर बाती जलाना, विभिन्न मुखोटे द्वारा गीत और नृत्य के माध्यम से अंकों एवं वर्णो का ज्ञान, नैतिक शिक्षा के लिए विभिन्न प्रकार के बाल गीत एवं कविता को अभिनय द्वारा कराया गया। जिसमें विभिन्न विद्यालय से आये आचार्य एवं आचार्यो ने मनोरंजन पूर्वक सीखे। अंत में विभाग प्रमुख तुलसी प्रसाद ठाकुर द्वारा शिशु वाटिका के 12 शैक्षिणिक गतिविधियों को विस्तार से जानकारी देते हुए कहा की शिशु वाटिका शिक्षण के लिए विद्यालय को घर एवं घर को विद्यालय बना कर आनदपूर्ण शिक्षण के माध्यम से शिशुओं को ज्ञान प्रदान करना होगा। मुख्य अतिथि डॉ कविता परमार ने भी अपने सम्बोधन में कहा कि शिशु गीले आटा के सामान है गीले आटे को आवश्यकता अनुसार किसी रूप में ढाल सकते है जब वह पक जाय तो उसे कोई रूप देना संभव नहीं इसी प्रकार शिशु को बचपन मे माता- पिता एवं अभिभावक जैसे चाहे बना सकते है। उसे बचपन में घर से नैतिक शिक्षा का भी ज्ञान देना चाहिए। कार्यशाला का समापन शिशु वाटिका विभाग प्रमुख रिंकी सिंह के आशीर्वचन एवं स्थानीय प्रधानाचार्य सत्येंद्र कुमार के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। कार्यक्रम का संचालन संकुल शिशु वाटिका प्रमुख बबिता सिंह ने की। कार्यशाला को सफल बनाने में शिशु वाटिका प्रमुख रिंकी सिंह, बबिता सिंह, मुनी देवी, कंचन देवी के अलावे अन्य शिक्षिकाओं का महत्वपूर्ण भूमिका रही। मौके पर मुख्य रूप से विभाग प्रमुख तुलसी प्रसाद ठाकुर संकुल विद्यालय के सचिव डॉ कविता परमार अध्यक्ष अरविन्द सिंह प्रधानाचार्य रंजय राय शास्त्रीनगर विद्यालय के सचिव अरुण कुमार सिंह, कोषाध्यक्ष सावरमल शर्मा शिशु वाटिका विभाग प्रमुख रिंकी सिंह संकुल शिशु वाटिका प्रमुख बबिता सिंह विद्यालय शिशु वाटिका प्रमुख मुनी देवी कावली विद्यालय के प्रधानाचार्या सविता महतो हरिणा विद्यालय के प्रधानाचार्य कृष्ण गोपाल बर्मामाइंस विद्यालय के प्रधानाचार्य कृष्ण मुरारी स्थानीय विद्यालय के प्रधानाचार्य सत्येंद्र कुमार के अलावे दर्जनों शिक्षिका प्रशिक्षुओं के रूप में एवं दर्जनों अभिभावक एवं माताएं उपस्थित रहे। शांति मंत्र के साथ समापन किया गया।

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