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बाल मेले में बच्चों की सुरक्षा और नैतिक शिक्षा पर दिया जोर

बाल मेले में बच्चों की सुरक्षा और नैतिक शिक्षा पर दिया जोर

संक्षेप:

साकची बोधि सोसाइटी के मैदान में बाल मेले में बाल अधिकार संरक्षण अधिनियम पर संगोष्ठी हुई। पूर्व न्यायाधीश एसएन पाठक ने बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा पर जोर दिया। अन्य विशेषज्ञों ने भी बाल श्रम, नशे और बच्चों के पुनर्वास जैसे मुद्दों पर चर्चा की। मेले में खेलकूद प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं।

Nov 17, 2025 05:46 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, जमशेदपुर
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साकची बोधि सोसाइटी के मैदान में चल रहे बाल मेले में रविवार को बाल अधिकार संरक्षण अधिनियम पर महत्वपूर्ण संगोष्ठी हुई, जिसमें शिक्षाविदों, विधि विशेषज्ञों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बच्चों के अधिकार, सुरक्षा और शिक्षा से जुड़े गंभीर मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। झारखंड उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश एसएन पाठक ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं, इसलिए उनकी नींव मजबूत करना मौलिक जिम्मेवारी है। उन्होंने कहा कि सामाजिक पतन का मूल कारण नैतिक शिक्षा की उपेक्षा है। मोरल साइंस की पढ़ाई हो और उसमें 75 फीसदी अंक लाना अनिवार्य किया जाए। पाठक ने बाल श्रम को खतरनाक बताते हुए कहा कि झारखंड के माइंस क्षेत्रों में बच्चों के काम करने की घटनाएं चिंताजनक हैं।

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उन्होंने कहा कि कानून बने हुए हैं, जरूरत है उन्हें सख्ती से लागू करने की। चंद्रदीप पांडेय ने राइट टू एजुकेशन पर बोलते हुए कहा कि बच्चों का बचपन मोबाइल तक सिमट गया है। इसे नई दिशा देने की आवश्यकता है। उन्होंने शिक्षा के अधिकार अधिनियम, शिक्षक-छात्र अनुपात और समावेशी शिक्षा के मानकों की जानकारी दी। विकास दोदराजका ने कहा कि संसाधन बढ़ने के बावजूद बच्चों के विरुद्ध हिंसा में कमी नहीं आई है। पॉक्सो और बाल श्रम कानूनों की जानकारी समाज तक नहीं पहुंच पाई है। उन्होंने बच्चों में बढ़ते नशे को गंभीर चिंता बताया। प्रभा जायसवाल ने कहा कि बच्चों को समाज में उचित अहमियत नहीं दी जाती। बच्चों का पुनर्वास, सुरक्षा और कुपोषण पर तत्काल विशेष प्रयास की आवश्यकता है। संगोष्ठी के दौरान दीपक कुमार सिंह, एडवोकेट अनिल कुमार और संजय मिश्रा ने विभिन्न कानूनी प्रावधानों पर जानकारी दी और बच्चों में जागरूकता बढ़ाने पर बल दिया। बच्चों ने खेलकूद में भाग लिया बाल मेले के तीसरे दिन ताइक्वांडो, दौड़, थ्रो बॉल, बोरा दौड़, स्किपिंग और तीन-टांग दौड़ सहित कई खेलकूद प्रतियोगिताएं हुईं। लगभग 150 स्कूलों के सैकड़ों बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। अलग-अलग आयु समूहों में आशीष मल्हार, लोचना साहू, जाह्नवी पारिदा, संध्या रानी बास्के, अमन हुसैन, अरहान अली, अबुजार अंसारी, अहान दत्ता, सौरव कुमार, समर कुमार, आलिया नाज, सोहन कर्माकार, जयंती-मनीषा की जोड़ी सहित कई प्रतिभागियों ने विभिन्न स्पर्धाओं में प्रथम स्थान हासिल किया। विजेताओं को स्वर्णरेखा क्षेत्र विकास ट्रस्ट और समाजसेवियों द्वारा पुरस्कार प्रदान किए गए।