
चंपई सोरेन के बयान पर शैलेंद्र महतो का पलटवार: "आप जेएमएम के इकलौते कर्ता-धर्ता नहीं, मंत्री-सीएम झामुमों की देन"
जमशेदपुर में घाटशिला उपचुनाव के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के भावुक बयानों पर भाजपा नेता शैलेंद्र महतो ने तीखा जवाब दिया। महतो ने कहा कि चंपई को हेमंत सोरेन की मदद से ही मंत्री और मुख्यमंत्री पद मिला, और उनका दावा कि टाटा कंपनी के मजदूरों को परमानेंट करने का श्रेय केवल उन्हें है, गलत है।
जमशेदपुर: घाटशिला उपचुनाव के अंतिम प्रचार के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के भावुक बयान और पार्टी में अपने योगदान के दावों पर पूर्व सांसद और भाजपा नेता शैलेंद्र महतो ने तीखा पलटवार किया है।शैलेंद्र महतो ने कहा कि चंपई सोरेन को हेमंत सोरेन की खरी-खोटी सुननी ही पड़ेगी, क्योंकि मंत्री और मुख्यमंत्री पद उन्हें हेमंत सोरेन के बदौलत मिला, न कि उनकी अपनी ताकत से। उन्होंने चंपई सोरेन के इस दावे को गलत बताया कि टाटा कंपनी के मजदूरों को परमानेंट कराने का श्रेय अकेले उनका है; शैलेंद्र महतो ने कहा कि वह स्वयं उस लड़ाई में शामिल थे और 1990 में 1700 मजदूरों को परमानेंट कराने वाले समझौते पर उनके भी हस्ताक्षर थे।महतो

ने जेएमएम में चंपई सोरेन के योगदान को चुनौती देते हुए कहा कि गुवा गोलीकांड के बाद पार्टी में आने से पहले, अविभाजित सिंहभूम (कोल्हान) में जेएमएम की स्थापना 1978 में ही हो चुकी थी और ईचाहातु, सेरेंगदा जैसे गोलीकांडों के दौरान वह पार्टी में शामिल नहीं थे। उन्होंने कहा कि चंपई सोरेन के बयान से लगता है कि वह शुरू से इकलौते कर्ता-धर्ता रहे हैं, जो कि इतिहास को छुपाना है। महतो ने याद दिलाया कि सरायकेला सीट उन्हें कृष्णा मार्डी के बाद खाली हुई सीट पर विधायक बनने का अवसर मिला था।

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