दलमा बर्ड महोत्सव में ग्रामीण बच्चों को दी गई पक्षी संरक्षण की जानकारी
फोटो ट्रैक पर है जमशेदपुर, मुख्य संवाददाता। दलमा में आयोजित तीन दिवसीय बर्ड

दलमा में आयोजित तीन दिवसीय बर्ड महोत्सव के दौरान ग्रामीण बच्चों को बर्डिंग की बारीकियों और पक्षी संरक्षण के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पक्षियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उनके संरक्षण के लिए लोगों को प्रेरित करना था। महोत्सव के दौरान बच्चों को बताया गया कि कौन-कौन सी पक्षी प्रजातियां विलुप्त होने के कगार पर हैं और उन्हें किस प्रकार संरक्षित किया जा सकता है। विशेषज्ञों ने पक्षियों के रंग, आकार और आवाज के आधार पर उनकी पहचान करने के तरीके समझाए। साथ ही गांवों और आसपास के जंगलों में पक्षियों के पसंदीदा खान-पान और उनके प्राकृतिक आवास के बारे में भी जानकारी दी।
पटमदा के राखाल गोराई ने बताया कि गांव के आसपास बगीचों में कई बार नाइटजार पक्षी देखे गए हैं। उन्होंने कहा कि गर्मी में पक्षियों के लिए घर के छज्जों और छतों पर पानी और दाना रखना चाहिए, जिससे उन्हें मदद मिल सके। बोड़ाम के अर्जुन प्रकाश ने कहा कि बर्ड फेस्टिवल में उन्हें काफी कुछ सीखने को मिला। गांव में अबतक वे गौरेया, कौवा और कबूतर को ही मुख्य पक्षी के रूप में जानते थे, लेकिन यहां विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों को देखकर उत्साह बढ़ गया। वहीं, पटमदा के विकास कुंभकार ने कहा कि महोत्सव से मिली जानकारी को गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा। ग्रामीणों को पक्षियों के बारे में जागरूक किया जाएगा, ताकि दलमा और आसपास के क्षेत्रों में पक्षियों का संरक्षण बेहतर तरीके से हो सके।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


