विभाग को आयुष्मान आरोग्य मंदिर के लिए नहीं मिल रही जमीन
जिले में 234 आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनने हैं, लेकिन अभी तक जिले में करीब 132 ही बन सके हैं। शेष कुछ जगहों पर भवन निर्माण कार्य चल रहा है। जमीन की तलाश जारी है। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के लिए 130 जगहों पर सीएचओ की नियुक्ति है, लेकिन 102 जगहों पर सीएचओ उपलब्ध नहीं हैं।

जिले में 234 आयुष्मान आरोग्य मंदिर (आम) बनने हैं, लेकिन अभी तक जिले में करीब 132 ही बन सके हैं। शेष कुछ जगहों पर भवन निर्माण कार्य चल रहा है, जबकि अन्य स्थानों पर जमीन नहीं मिलने के कारण निर्माण शुरू नहीं हो सका है। इसके लिए विभाग जमीन की तलाश कर रहा है। जिले में उपस्वास्थ्य केंद्रों को अपग्रेड कर 234 आम बनाने की योजना थी। ये अधिकतर उपस्वास्थ्य केंद्र विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों या अन्य स्थानों पर संचालित हो रहे थे। लेकिन आम बनाने के लिए नए भवन का निर्माण होना था। कई जगह नए भवन बन गए हैं और वहां आम शुरू कर दिए गए हैं। अब 132 स्थानों पर विधिवत तरीके से आम की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन शेष जगहों पर अभी भी आम शुरू नहीं हो सका है।
भवन निर्माण की स्थिति
कुछ जगहों पर भवन बन चुके हैं, लेकिन शेष स्थानों पर जमीन की तलाश की जा रही है। जमीन उपलब्ध कराने के लिए विभाग द्वारा संबंधित सर्किल ऑफिसरों को भी पत्र लिखा गया है। इसके बावजूद अब तक जमीन उपलब्ध नहीं हो सकी है। जानकारी के अनुसार, एक आयुष्मान आरोग्य मंदिर के निर्माण पर करीब 55 लाख रुपये खर्च होंगे।
सीएचओ की नियुक्ति
जानकारी के अनुसार, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के लिए 130 जगहों पर सीएचओ की नियुक्ति है, लेकिन शेष स्थानों पर अभी सीएचओ उपलब्ध नहीं हैं। मुख्यालय स्तर से उनकी नियुक्ति नहीं की गई है। ये सीएचओ बीएससी नर्सिंग या जीएनएम प्रशिक्षित होते हैं, जो मरीजों की प्राथमिक जांच कर आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराते हैं। इन आम में सहयोग के लिए बहुद्देशीय कार्यकर्ता और सहिया भी तैनात रहती हैं। यहां दवाइयां भी उपलब्ध रहती हैं, ताकि मरीजों को उनके घर के पास ही इलाज और दवा मिल सके तथा उन्हें दूसरी जगह भटकना न पड़े।
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