
बच्चियों और महिलाओं को एनीमिया से बचाने को 15 से शुरू होगा अभियान
पूर्वी सिंहभूम में 15 से 21 दिसंबर तक एनीमिया से बचाव के लिए अभियान चलाया जाएगा। स्वास्थ्यकर्मियों की टीम ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चियों और महिलाओं को औषधि प्रदान करेगी। गर्भवती महिलाओं के लिए आयरन फोलिक एसिड टैबलेट उपलब्ध कराए जाएंगे। इस प्रयास से एनीमिया मुक्त भारत की दिशा में प्रगति होगी।
बच्चियों और महिलाओं को एनीमिया से बचाने के लिए जिले में 15 से 21 दिसंबर तक अभियान चलेगा। मुख्यालय के आदेश पर सिविल सर्जन ने एनीमिया अभियान के लिए स्वास्थ्यकर्मियों की टीम बनाई है, ताकि जिले के ग्रामीण प्रखंड में एक साथ सभी को एनीमिया से बचाव की दवा दी जा सके। बताया जाता है कि पूर्वी सिंहभूम के ग्रामीण क्षेत्र की बच्चियों में एनीमिया की समस्या ज्यादा है, जबकि महिलाओं की स्थिति राज्य में दूसरे स्थान पर है। इससे जिले में 6 महीने से 5 वर्ष की बच्चियों को स्वास्थ्य केंद्र, स्कूलों व आंगनबाड़ी में जांच कर खून बढ़ाने की दवा दी जाएगी।

गर्भवती व अन्य महिलाओं को एनीमिया से बचाव में आयरन फोलिक एसिड का टैबलेट मुहैया कराया जाएगा। इससे बच्चियों, गर्भवती एवं अन्य महिलाओं की सुरक्षा के साथ एनीमिया मुक्त भारत की सूची में जिला की स्थिति बेहतर हो सके। आरसीएच पदाधिकारी डॉ. रंजीत पांडा के अनुसार, एनीमिया मुक्त भारत अभियान के कारण जनवरी से महिलाओं के मामले में जिला राज्य में अव्वल रहा है, जबकि बच्चियों की स्थिति सुधारने का अभियान जारी है। उन्होंने बताया कि शत-प्रतिशत एनीमिया मुक्त जिला के लक्ष्य से प्रखंड में कार्यक्रम शुरू है। सहिया बच्चियों व गर्भवती के हेमोग्लोबिन स्थिति की निगरानी कर लगातार सुरक्षा में स्वास्थ्य केंद्र से दवा पहुंचाती है। राज्य मुख्यालय भी एनीमिया उन्मूलन कार्यक्रम की निगरानी करता है।

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