एआई की चुनौतियों और संभावनाओं पर हुई चर्चा
करीम सिटी कॉलेज के बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन विभाग ने 'सॉल 9.O' कार्यक्रम के तहत 'एआई का दोहरा प्रभाव: लाभ और चुनौतियां' विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया। प्रोफेसर सरोज कुमार राउत्रेय और प्रोफेसर अनुभव मिश्रा ने एआई के लाभ, चुनौतियों और नैतिक पहलुओं पर चर्चा की। प्राचार्य डॉ. मोहम्मद रेयाज ने छात्रों को नई तकनीक में कुशल बनने की प्रेरणा दी।
करीम सिटी कॉलेज के डिपार्टमेंट ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन द्वारा 'सॉल 9.O' कार्यक्रम के अंतर्गत एक विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस वर्ष कार्यक्रम का मुख्य विषय 'एआई का दोहरा प्रभाव: लाभ और चुनौतियां' रखा गया, जिसमें तकनीक के वर्तमान युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका पर गहन विमर्श किया गया। इस सेमिनार में केआईआईटी स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के प्रोफेसर सरोज कुमार राउत्रेय और प्रोफेसर अनुभव मिश्रा ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। दोनों विशेषज्ञों ने एआई के तेजी से बदलते परिदृश्य, इसके व्यावसायिक उपयोग और इससे जुड़े सामाजिक व नैतिक पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।कार्यक्रम की शुरुआत में कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मोहम्मद रेयाज ने अतिथियों का स्वागत किया।
उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि एआई आज शिक्षा और उद्योग के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव ला रही है, इसलिए विद्यार्थियों के लिए इस नई तकनीक में कुशल होना अनिवार्य हो गया है। इस संगोष्ठी का प्राथमिक उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी विकास और विशेषकर एआई के प्रभावों के प्रति जागरूक करना था, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों के लिए स्वयं को तैयार कर सकें।विभागाध्यक्ष डॉ. आफताब आलम ने अपने संबोधन में कहा कि इस तरह के शैक्षणिक आयोजन विद्यार्थियों के बौद्धिक और कौशल विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने छात्रों को नई तकनीकों को सीखने और उन्हें व्यावहारिक जीवन में लागू करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर विभाग के सभी शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम का कुशल संचालन वंदना ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन आयुष अमन द्वारा प्रस्तुत किया गया।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


