After third phase sadness in UPA camp in Jamshedpur - जमशेदपुर में तीसरे चरण के बाद से ही यूपीए खेमे में छा गई मायूसी DA Image

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जमशेदपुर में तीसरे चरण के बाद से ही यूपीए खेमे में छा गई मायूसी

लोकसभा चुनाव-2019 को लेकर गुरुवार को जमशेदपुर लोकसभा की सीट का अगले पांच साल का भविष्य सुनिश्चित हो गया। मतगणना के दौरान को-ऑपरेटिव कॉलेज परिसर के बाहर बने भाजपा के शिविर में जहां पहले ही चरण के रिजल्ट एनाउंसमेंट के साथ कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल दिखा। पहले ही चरण से बैकफुट पर चल रहे यूपीए के खेमे में शांति छाई दिखी। तीसरे चरण के परिणाम के बाद से तो पूरे खेमे में मायूसी का मौहाल दिखा। सुबह आठ बजे से मतगणना शुरू होने के बाद सुबह करीब नौ बजे यूपीए प्रत्याशी चंपई सोरेन ने स्ट्रांग रूम के अंदर प्रवेश किया। दूसरे आम लोगों की तरह उन्हें अकेले ही स्ट्रांग रूम में प्रवेश दिया गया व प्रवेश से पहले ही बैरियर के पास उनका मोबाइल जमा करवा लिया गया। चंपई महज 45 मिनट तक ही स्ट्रांग रूम में रुके और करीब पौने दस बजे वे स्ट्रांग रूम से बाहर निकलकर अपने खेमे में आ गये। खेमे में रहने के दौरान ही तीसरे चरण के रिजल्ट की घोषणा की गई। इसके बाद दोपहर करीब 10.15 बजे ही चंपई सोरेन वापस निकल गये। यहां से वे पहले अपने कदमा स्थित आवास पर गये और कुछ देर वहां रुकने के बाद अपने पैतृक आवास जिलिंगगोड़ा लौट गये।

सुबह से लटका रहा जिला कार्यालय में ताला

लोकसभा चुनाव को लेकर झामुमो की ओर से आमबागान, साकची में बनाये गये जिला कार्यालय में सुबह से ही ताला लटका रहा। सभी कार्यकर्ता सुबह से ही को-ऑपरेटिव कॉलेज के समीप जमावड़ा लगाये दिखे। देर शाम तक भी जिला कार्यालय बंद ही रहा।

नहीं दिखे अन्य सहयोगी दलों के नेता

मतगणना के दौरान यूपीए के कैंप में झामुमो को छोड़कर महागठबंधन के घटक दलों का कोई भी बड़ा नेता एक बार भी दिखाई नहीं दिया। सुबह से लेकर शाम तक में एक मात्र राजद के जिलाध्यक्ष अंबिका बनर्जी ही खेमे में नजर आये। झामुमो के ही शीर्ष नेता मोहन कर्मकार, राजू गिरि, सुमन महतो, सविता महतो, शेख बदरुद्दीन, प्रमोद लाल आदि भी नहीं दिखे। कांग्रेस के बन्ना गुप्ता, विजय खां, झाविमो के अभय सिंह, बबुआ सिंह आदि कोई भी एक बार भी कैंप में नहीं दिखा।

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