बिष्टूपुर में हजरत चूना शाह बाबा का 57वां सालाना उर्स 7 से 10 तक
बिष्टूपुर स्थित आसताना रहीमिया में ताजदार-ए-विलायत हजरत बादशाह अब्दुर रहीम शाह का 57वां सालाना उर्स 7 से 10 अप्रैल तक मनाया जाएगा। उर्स का आगाज 7 अप्रैल को कुरानख्वानी से होगा और 10 अप्रैल को महफिल-ए-शमा का आयोजन होगा। इस दौरान कई उलेमा-ए-कराम भी शामिल होंगे।

बिष्टूपुर स्थित आसताना रहीमिया में ताजदार-ए-विलायत हजरत बादशाह अब्दुर रहीम शाह उर्फ चूना शाह बाबा का 57वां सालाना उर्स मुबारक 7 से 10 अप्रैल तक अकीदत के साथ मनाया जाएगा। उर्स को लेकर दरगाह शरीफ में सभी तैयारियां कर ली गई हैं। उर्स का आगाज 7 अप्रैल की सुबह 8 बजे कुरानख्वानी से होगा। 8 अप्रैल को नमाज-ए-इशा के बाद उलमा-ए-कराम की तकरीर का आयोजन किया जाएगा, जिसमें दीन और समाज से जुड़े मुद्दों पर रोशनी डाली जाएगी। 9 अप्रैल की सुबह 10 बजे चादर व संदल गश्त निकाली जाएगी, जिसके बाद 1.20 बजे चादरपोशी की रस्म अदा की जाएगी। दोपहर 2 बजे से लंगर-ए-आम का एहतमाम किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंद शिरकत करेंगे।
उर्स के अंतिम दिन 10 अप्रैल को भी दोपहर 2 बजे से लंगर-ए-आम आयोजित होगा। इसी दिन रात 9 बजे महफिल-ए-शमा का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस मौके पर नुसरत कादरी कव्वाल एंड पार्टी (राजस्थान) और गुलाम वारसी कव्वाल एंड पार्टी (उत्तर प्रदेश) के बीच सूफियाना कलाम की पेशकश होगी, जो कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहेगा।उर्स मुबारक में देश के विभिन्न हिस्सों से कई प्रख्यात उलेमा-ए-कराम और कारी शरीक होंगे। इनमें मौलाना हाफिज कमरूज्जमां नूरी (भागलपुर), मौलाना हफीजुद्दीन, मौलाना मोहम्मद इजहार अहमद (इमाम, बिष्टूपुर जामा मस्जिद), कारी मोहम्मद कलीम कैसर (जुगसलाई), मौलाना मुश्ताक अहमद, कारी हाफिज इसहाक अंजुम, कारी अबरार कैसर और हाफिज हस्सान मोहम्मद (कोलकाता) प्रमुख हैं। दरगाह कमेटी के महासचिव हाजी एसएम कुतुबुद्दीन ने अकीदतमंदों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि उर्स के दौरान अदब और एहतिराम का विशेष ख्याल रखा जाए, ताकि यह पवित्र आयोजन शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
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