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दो साल में बाल विवाह से बचाई गईं 37 बच्चियां

दो साल में बाल विवाह से बचाई गईं 37 बच्चियां

मुख्यमंत्री रघुवर दास के गृह नगर जमशेदपुर के स्लम इलाकों में बाल विवाह प्रचलित है। दो वर्षों के दौरान बाल विवाह के 40 मामले सामने आए, जिनमें से 37 नाबालिग लड़कियों को शादी से बचाया गया।

बाल विवाह के ज्यादा मामले स्लम क्षेत्रों में : शहर में चाइल्ड लाइन ने मुख्य रूप से बाल विवाह के मामलों को जमशेदपुर के कदमा और सोनारी क्षेत्र के झोपड़पट्टी इलाकों में चिह्नित किया है। चाइल्ड लाइन, बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी), जिला बाल संरक्षण अधिकारी (डीसीपीओ), बाल विवाह निषेध अधिकारी (सीएमपीओ) सहित बचाव दल ने 37 बाल विवाह को रोका, लेकिन तीन को रोका नहीं जा सका। जमशेदपुर चाइल्ड लाइन की समन्वयक जूली राउत ने बताया कि 1098 फोन नंबर पर बाल विवाह की जानकारी मिलने के बाद, पूर्वी सिंहभूम के विभिन्न ब्लॉक में ये बाल विवाह रोके गए हैं।

14 वर्षीय बच्ची को शादी से बचाया गया : कदमा पुलिस स्टेशन के तहत गांधी बस्ती में 14 वर्षीय लड़की को जनवरी 2018 में शादी से बचाया गया था। लड़की ने बताया कि उससे पहले इलाके की दो अन्य लड़कियों की भी शादी हो चुकी है। उसने कहा कि क्षेत्र में विवाह आम है और पूरा समुदाय बाल विवाह करता आ रहा है।

चल रहे हैं कई अभियान : जिले में बाल विवाह रोकने के लिए, बाल निकाय जागरूकता अभियान, किशोर लड़कियों के साथ नियमित बैठक, झोपड़पट्टी क्षेत्रों में हस्ताक्षर अभियान, बाल विवाह रोकथाम के लिए शपथ लेने आदि सहित विभिन्न अभियान चलाया जा रहा है। बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष प्रभा जायसवाल ने बताया कि कानूनी कार्रवाई के बजाय हम विवाह रोकने की कोशिश करते हैं। विवाह से नाबालिगों को बचाने के लिए संयुक्त सामाजिक प्रयास की जरूरत है।

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  • Web Title:37 children rescued from child marriage in two years