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सफलता एक यात्रा है, पड़ाव नहीं : अमिताभ चौधरी

सफलता एक यात्रा है, पड़ाव नहीं : अमिताभ चौधरी

बीसीसीआई के पूर्व कार्यकारी सचिव अमिताभ चौधरी ने कहा कि सफलता एक यात्रा है, यह पड़ाव नहीं है। सफलता का कोई शॉर्टकट रास्ता नहीं है। चौधरी बुधवार को माइकल जॉन ऑडिटोरियम में शिखर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

अरका जैन यूनिवर्सिटी की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम के मुख्य वक्ता पूर्व आईपीएस अधिकारी ने कहा कि अब्राहम लिंकन का उदाहण देते हुए कहा कि उनसे ज्यादा असफलता शायद ही दुनिया मे किसी ने देखी हो, बावजूद वे अमेरिका के राष्ट्रपति बने। कार्यक्रम को विशिष्ट वक्ता के रूप में पोड एंड बियॉन्ड होटल के डायरेक्टर रविश रंजन ,लेखक संतोष शर्मा,आरोग्यम मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल डायरेक्टर हर्ष अजमेरा, कंपनी डेवेल्वमेंट, सीटीसी इंडिया के डायरेक्टर विशाल अग्रवाल ने संबोधित किया। कार्यक्रम की शुरुआत अमिताभ चौधरी , कुलपति डॉ एस एस रज़ी , निदेशक अमित कुमार श्रीवास्तव , प्राचार्य डॉ अंगद तिवारी , सहायक प्रोफ़ेसर पारस नाथ मिश्र एवं अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। अतिथियों का स्वागत कुलपति ने किया। वहीं निदेशक ने भी विचार रखे। वक्ताओं ने संबोधन के बाद विद्यार्थियों ने सभी रोचक प्रश्न पूछे। अतिथियों को शॉल और प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम को सफलता पूर्वक संचालन सहायक प्रोफेसर पारस नाथ एवं हेड , डिपार्टमेंट ऑफ़ कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन इशिता भोगल के देख रेख में हुआ। मंच संचालन मेघा तथा तुषार ने किया, धन्यवाद ज्ञापन राजकुमारी घोष ने किया।

कहीं भी मिल सकता है ज्ञान : आरोग्यम मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल हजारीबाग के निदेशक हर्ष अजमेरा ने कहा कि आज कट , कॉपी , पेस्ट का ज़माना है। इससे जीवन में सफल होना संभव नहीं, हर व्यक्ति की अपनी रुचि होती है। कुछ जानने की प्रवृत्ति रखनी चाहिए।

सकारात्मक सोच से मुश्किल आसान : पॉड एंड बियॉन्ड होटल की भारत में पहली बार शुरुआत करने वाले रविश रंजन ने कहा कि वह अपनी जिंदगी में बार-बार सफल और असफल होते रहे। संघर्ष से उन्होंने बहुत कुछ जाना। सफलताएं कई बार आपको अहंकारी बनाती हैं, हालात बदलते हैं। सकारात्मक सोच और विषम परिस्थितियों में लड़ने की क्षमता ही सफलता दिलाती है।

गांवो को जोड़ने का सपना : डिसॉल्वद द बॉक्स के लेखक संतोष शर्मा ने अपने दो प्रोजेक्ट के बारे में बताया। इसमें एक का नाम जीवन व दूसरे का नाम खुशी है। उन्होंने कहा कि वह भारत के साढ़े छह लाख गांवों की यूएसपी की पहचान करना चाहते हैं। इसके आधार पर वह एक गांव की विशेषता को दूसरे गांव की विशेषता से जोड़कर भारत में युवा उद्यमिता विकास का नया नक्शा बनाना चाहते हैं।

दक्षता से मिलेगी सफलता :युवा उद्यमी विकाश अग्रवाल ने अपनी सफलता का रहस्य मेहनत , सकारात्मकता और दक्षता को बताया। अगर आप में कुछ कर करने का हुनर है तो देश व राज्य के सबसे छोटे हिस्से में बैठकर भी आप दुनिया को उनकी जरूरत की सामग्री बेच सकते हैं। उन्होंने अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में तकनीकी विकास में की गयी पहल के बारे में जानकारी दी।

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