
खूब स्पेस, एक से एक सुविधा; मिडिल क्लास को खास फ्लैट्स का तोहफा, कीमत जान लीजिए
मिडिल क्लास की मांग और परिवारों की जरूरतों को देखते हुए सरकार टू, थ्री और फोर बीएचके के बड़े फ्लैट बनाने की तैयारी कर रही है। नए फ्लैट न केवल अधिक स्पेस वाले होंगे, बल्कि इनके साथ आधुनिक आवासीय परिसर भी विकसित किए जाएंगे, जिनमें पार्किंग, सामुदायिक भवन और अन्य बुनियादी सुविधाएं शामिल होंगी।
नगर विकास विभाग अब शहरी क्षेत्रों में रहने वाले मिडिल क्लास परिवारों के लिए बड़े और किफायती फ्लैट उपलब्ध कराएगा। इसके लिए नई आवासीय योजना तैयार की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, स्कीम का ड्राफ्ट अंतिम चरण में है और जल्द ही नोटिफिकेशन जारी कर राज्य के सभी नगर निकायों को भेजा जाएगा। यह योजना प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के साथ समानांतर रूप से लागू की जाएगी। अबतक शहरी इलाकों में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक बेडरूम वाले छोटे फ्लैट ही बनाए गए थे, जिनका कारपेट एरिया काफी सीमित था।
मिडिल क्लास की मांग और परिवारों की जरूरतों को देखते हुए सरकार टू, थ्री और फोर बीएचके के बड़े फ्लैट बनाने की तैयारी कर रही है। नए फ्लैट न केवल अधिक स्पेस वाले होंगे, बल्कि इनके साथ आधुनिक आवासीय परिसर भी विकसित किए जाएंगे, जिनमें पार्किंग, सामुदायिक भवन और अन्य बुनियादी सुविधाएं शामिल होंगी।
जमशेदपुर में बिरसानगर के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत करीब 38 एकड़ जमीन पर काम चल रहा है। ब्लॉक-8 और ब्लॉक-23 में बने फ्लैट लगभग तैयार हैं, जबकि अन्य ब्लॉक में निर्माण कार्य अधूरा है। नगर निकायों का कहना है कि यदि कुछ ब्लॉक में निर्माण शुरू नहीं हुआ होता तो इस जमीन का उपयोग मिडिल क्लास वाली नई योजना के लिए किया जा सकता था। अब जेएनएसी ने नई आवास योजना के लिए उपयुक्त भूमि की तलाश तेज कर दी है। साथ ही, ब्लॉक-8 और ब्लॉक-23 के तैयार फ्लैट की चाबी लाभुकों को सौंपने की प्रक्रिया भी गति पकड़ रही है, ताकि नई स्कीम के लिए भूमि बाधा न बने।
आठ लाख तक हो सकती है 2-बीएचके की कीमत
योजना से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि दो बेडरूम वाले फ्लैट की संभावित कीमत आठ लाख तक होगी। सरकार इन फ्लैटों को किफायती दरों पर उपलब्ध कराने या आधुनिक तरीके से लोन पर सब्सिडी देने पर विचार कर रही है। इसके लिए बड़े पैमाने पर भूमि की जरूरत होगी। प्रत्येक आवासीय परिसर के लिए 30 से 50 एकड़ जमीन की आवश्यकता होगी। जमशेदपुर जैसे शहरों में भूमि की कमी को देखते हुए नगर निकायों को जमीन तलाशने के निर्देश दिए गए हैं।
किराए पर सरकारी फ्लैट देने की भी तैयारी
सरकार एक और योजना पर काम कर रही है, जिसमें टू और थ्री बीएचके वाले सरकारी स्वामित्व वाले फ्लैट बनाए जाएंगे। इन फ्लैट का स्वामित्व सरकार के पास रहेगा और इन्हें संबंधित नगर निकाय किराए पर उपलब्ध कराएंगे। यह सुविधा ऐसे छात्रों, सरकारी कर्मचारियों और पेशेवरों के लिए विशेष रूप से उपयोगी होगी, जो अस्थायी रूप से किसी शहर में रहते हैं। इससे रेंट खोजने की परेशानी कम होगी और लोग दलालों से बच सकेंगे। साथ ही सुरक्षित और पारदर्शी आवास व्यवस्था मिलने से उन्हें आर्थिक राहत भी मिल सकेगी।





