जरूरी नहीं हर जगह मैं ही…; झारखंड वाले प्रदर्शन में ना जाने की कॉकरोच जनता पार्टी के अभिजीत दीपके के पास अब नई वजह
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके पहले ही झारखंड जाकर छात्रों को समर्थन देने का आश्वासन दे चुके हैं लेकिन अभी तक एक बार भी वह झारखंड नहीं गए। अब उनका कहना है कि वह हर जगह आगे नहीं रहना चाहते।

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ छात्र पिछले 14 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के नेता देवेंद्र नाथ महतो की भूखहड़ताल भी पिछले 6 दिनों से जारी है। मंगलवार को दो महिलाओं समेत पांच और प्रदर्शनकारी मंगलवार रात को भूखहड़ताल पर बैठ गए। कॉकरोच जनता पार्टी भी छात्रों के इस प्रदर्शन को समर्थन दे चुकी है। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके खुद झारखंड जाने का आश्वासन दे चुके हैं। हालांकि कई दिन बीतने के बाद भी वह अभी तक झारखंड नहीं पहुंचे। उनका कहना है कि वहां जाने के लिए अभी उनकी तबीयत ठीक नहीं है। इस बीच शुक्रवार को उन्होंने झारखंड ना जाने एक और नई वजह बताईहै। उन्होंने कहा है कि वह नहीं चाहते प्रदर्शन में केवल वह ही आगे रहें और सारा क्रेडिट सीजेपी को मिले। वह चाहते हैं कि छात्र खुद आगे आएं।
अभिजीत दीपके ने कहा, हम उन्हें पूरा समर्थन देते हैं। हमारे प्रतिनिधिमंडल ने उस इलाके का दौरा किया है और हमारे लोग वहां खाना बांट रहे हैं। हम मजबूती से उनके साथ खड़े हैं और उनकी सभी मांगों का समर्थन करते हैं। मैं भी वहां जाना चाहता हूं। हालांकि, अभी मुझे सेहत से जुड़ी कुछ परेशानियां है। उन्होंने कहा, कई छात्र विरोध-प्रदर्शन के लिए आगे आ रहे हैं। मेरा मानना है कि वे अपने आप में नेता हैं और उन्हें पहचान मिलनी चाहिए। यह जरूरी नहीं है कि हर जगह अभिजीत ही सबसे आगे रहे। वे भी काम कर रहे हैं और उन्हें भी बराबर पहचान मिलनी चाहिए। हम नहीं चाहते कि सारा श्रेय सिर्फ सीजेपी को मिले। हम चाहते हैं कि छात्र खुद आगे आएं और विरोध-प्रदर्शन करें। हम चाहते हैं कि वे अपने अधिकारों और देश की शिक्षा व्यवस्था के लिए लड़ें।
इससे पहले दीपके ने महाराष्ट्र के अपने गृहनगर छत्रपति संभाजीनगर में सीजेपी की कोर टीम की बैठक से पहले पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि सीजेपी के सदस्य झारखंड जाएंगे और नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों का समर्थन करेंगे। दीपके ने कहा, लोगों का न्यायपालिका, राजनीति, मीडिया और निर्वाचन आयोग से भरोसा उठ गया है। हमारे आंदोलन को देशभर से समर्थन मिला। जैसे-जैसे आंदोलन बढ़ा, यह केवल शिक्षा के मुद्दों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इन संस्थानों से भी जुड़ गया। इसलिए इन संस्थानों में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए एक जन दबाव समूह की जरूरत है।
क्या है प्रदर्शनकारियों की मांग
झारखंड में बड़ी संख्या में नौकरी के इच्छुक उम्मीदवार प्रदर्शन कर रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच राज्य के बाहर के हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की एक स्वतंत्र समिति से कराई जाए।
झारखंड में प्रदर्शन को समर्थन देने के बारे में पूछे जाने पर दीपके ने कहा, हम निश्चित रूप से झारखंड जाएंगे, हम उनके साथ खड़े रहेंगे और आंदोलन में उनकी हर मांग का समर्थन करेंगे। यह पूछे जाने पर कि क्या सीजेपी राजनीति में प्रवेश करेगा, दीपके ने कहा कि मीडिया इस सीजेपी से ज्यादा उत्साहित नजर आ रहा है। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि राजनीतिक दलों की स्थिति बहुत खराब'है। लोग सुबह एक पक्ष को वोट देते हैं, लेकिन शाम तक किसी और की सरकार बन जाती है।


