झारखंड में 2338 करोड़ की जलापूर्ति योजनाओं में पाई गई बड़ी गड़बड़ी! CNO जांच में खुलासा
झारखंड राज्य के पांच जिलों में चल रही ग्रामीण पाइप जलापूर्ति परियोजनाओं की जांच में सेंट्रल नोडल ऑफिसर (सीएनओ) की टीम ने कई खामियां पाईं। अधिकारियों ने पाया कि 2338 करोड़ों रुपये की लागत वाली पांच परियोजनाओं में कई तरह की खामियां पाई गई हैं।

झारखंड राज्य के पांच जिलों में चल रही ग्रामीण पाइप जलापूर्ति परियोजनाओं की जांच में सेंट्रल नोडल ऑफिसर (सीएनओ) की टीम ने कई खामियां पाईं। अधिकारियों ने पाया कि 2338 करोड़ों रुपये की लागत वाली पांच परियोजनाओं में न केवल निर्माण संबंधी बड़ी खामियां थीं, बल्कि प्रक्रियात्मक स्तर पर भी गंभीर लापरवाही बरती गई।
इन जिलों की योजनाओं में पाई गईं खामियां
कोडरमा, पाकुड़, साहिबगंज, पलामू और रांची में चल रही तीन एमवीएस और दो बीडब्ल्यूएस परियोजनाओं का निरीक्षण पिछले साल अगस्त-सितंबर में किया गया था। विशेष रूप से कोडरमा में ओवरहेड टैंक (ओएचटी) के गिरने और पलामू में स्रोत की अनिश्चितता जैसे मुद्दों ने विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
निरीक्षण में पाई खामियों की बात बीते 27 फरवरी को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में अपेक्स कमेटी की बैठक में उठी। अपेक्स कमेटी की सिफारिशों के आधार पर परियोजना की एक अपडेट रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजने की तैयारी है, ताकि अटकी हुई योजनाओं को गति दी जा सके।
साहिबगंज-गोड्डा-दुमका: भूमि संबंधी समस्याओं से देरी
साहिबगंज-गोड्डा-दुमका में यह मेगा बीडब्ल्यूएस योजना है। इंटेक फ्लोटिंग जेट्टी और आरसीसी ब्रिज का काम शुरू नहीं हुआ। इनके पूरा होने के बिना इनका चालू होना संभव नहीं है। भूमि संबंधी समस्याओं के कारण जीएसआर परियोजनाओं में देरी हुई है। रेलवे क्रॉसिंग पहले से लंबित है। एटीआर के मुताबिक, सीडीओ द्वारा इंटेक फ्लोटिंग जेट्टी की डिजाइन बीते 13 फरवरी को जमा कर दी गई है। आरसीसी पुल की डिजाइन और ड्राइंग का निरीक्षण आईआईटी चेन्नई किया। सीडीओ कार्यालय ने 26 फरवरी को इसे अनुमोदित कर दिया है। रेलवे क्रॉसिंग के लिए एनओसी मिल गई है।
सेंट्रल नोडल ऑफिसर की टीम ने परियोजना में 59.32 करोड़ की लागत कम करने की संभावना जताई थी। वहीं, एटीआर के मुताबिक, परियोजना की 38% भौतिक और 20% वित्तीय प्रगति है। स्वीकृत डीपीआर के अनुसार परियोजना के कार्य का निष्पादन किया जा रहा है।
लेखक के बारे में
Ratan Guptaरतन गुप्ता एक डिजिटल हिंदी जर्नलिस्ट/ कॉन्टेंट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान की स्टेट न्यूज टीम के साथ काम कर रहे हैं। वह क्राइम, राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर न्यूज आर्टिकल और एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखते हैं।
रतन गुप्ता वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर स्टेट न्यूज टीम में काम करते हैं। इस टीम में हिंदी पट्टी के 8 राज्यों दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात से जुड़ी खबरों की कवरेज करते हैं। उनका लेखन खास तौर से क्राइम, राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित रहता है।
लाइव हिंदुस्तान में बीते 2 साल से काम करते हुए रतन ने ब्रेकिंग न्यूज, राजनीतिक घटनाक्रम और कानून-व्यवस्था से जुड़ी खबरों पर लगातार लेखन किया है। इसके साथ ही वह एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखने में भी विशेष रुचि रखते हैं, जहां जटिल मुद्दों को सरल और तथ्यपरक भाषा में पाठकों के सामने रखते हैं।
रतन गुप्ता ने बायोलॉजी में ग्रेजुएशन किया है, जिसके बाद उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की है। साइंस बैकग्राउंड होने के कारण उनकी न्यूज और एनालिसिस स्टोरी में साइंटिफिक टेंपरामेंट, लॉजिकल अप्रोच और फैक्ट-बेस्ड सोच साफ दिखाई देती है। वह किसी भी मुद्दे पर रिपोर्टिंग करते समय दोनों पक्षों की बात, मौजूद तथ्यों और आधिकारिक स्रोतों को प्राथमिकता देते हैं, ताकि यूजर तक संतुलित और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे।
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