झारखंड में लोगों की जेब पर पड़ रहा युद्ध का असर, साबुन, तेल और टूथपेस्ट हुए महंगे
ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध का असर अब आम लोगों की जेब पर भी पड़ने लगा है। दरअसल, आम दिनचर्या में शामिल होने वाली वस्तुएं सर्फ, साबुन, टूथपेस्ट, बिस्किट आदि की कीमतों में इजाफा कर दिया गया है।

ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध का असर अब आम लोगों की जेब पर भी पड़ने लगा है। दरअसल, आम दिनचर्या में शामिल होने वाली वस्तुएं सर्फ, साबुन, टूथपेस्ट, बिस्किट आदि की कीमतों में इजाफा कर दिया गया है। इससे हर किसी के जेब पर हर दिन भार पड़ना शुरू हो गया है। मिली जानकारी के अनुसार, फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स (एफएमसीजी) कंपनियों ने वस्तुओं की की
मतों में बढ़ोतरी शुरू कर दी है। इसमें साबुन-सर्फ, टूथपेस्ट से लेकर बिस्किट, बैटरी आदि की कीमतों में एक से लेकर 26 रुपये तक की बढ़ोतरी की है। इस बढ़ोतरी की वजह कंपनियां युद्ध के कारण रॉ मैटेरियल की कीमतों में हुई वृद्धि को बता रही हैं। सबसे अधिक बढ़ोतरी 26 रुपये आधा किलो वाले स्टैंडर्ड हॉर्लिक्स के पाउच में की गई है। इनो, बैटरी और कपड़ा धोने वाले साबुन समेत कई उत्पादों में एक रुपये प्रति पीस की वृद्धि की गई है। इसके अलावा अन्य उत्पादों के दामों में वृद्धि की गई है।
डीजल महंगा हुआ
दूसरा कारण इंडस्ट्रियल डीजल की कीमतों में इजाफा है। डीजल महंगा होने से उत्पादन लागत और परिवहन खर्च बढ़ा है। इसका असर कंपनियों के कुल खर्च पर पड़ा है, जिसे वे कीमत बढ़ाकर संतुलित कर रही हैं।
पैकिंग लागत बढ़ी
सबसे पहला कारण क्रूड ऑयल की कीमतों में वृद्धि है। कच्चे तेल के महंगे होने से प्लास्टिक, पैकेजिंग और अन्य पैकिंग मैटेरियल की लागत बढ़ गई है, जिसका सीधा असर उत्पादों की एमआरपी पर पड़ा है।
कच्चे माल की कीमतों में लगातार वृद्धि
कच्चे माल यानी रॉ मैटेरियल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी है। कई उत्पादों में इस्तेमाल होने वाले बेसिक इनपुट महंगे हो गए हैं, जिससे सहायक (सब्सिडियरी) इकाइयों का उत्पादन भी प्रभावित हुआ है।
जेसीपीडीए के मुताबिक कीमतों में वृद्धि के 3 कारण
झारखंड कंज्यूमर प्रोडक्ट्स डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन (जेसीपीडीए) के अध्यक्ष संजय अखौरी के अनुसार, एफएमसीजी उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे तीन प्रमुख वजह हैं। क्रूड ऑयल, डीजल और रॉ मैटेरियल के दाम बढ़े हैं।
हज के विमान किराये में 10 हजार रुपए की बढ़ोतरी
रांची, प्रमुख संवाददाता। केंद्रीय हज कमेटी ने आजमीन ए हज के विमान किराए में वृद्धि कर दी है। 15 मई तक हर आजमीन ए हज को 10 हजार रुपए अतिरिक्त विमान किराया देना होगा। केंद्रीय हज कमेटी ने इससे संबंधित आदेश जारी किया है।
हज कमेटी के खुर्शीद अनवर ने बताया कि विमान किराया में अचानक वृद्धि की गई है, जिसकी वजह से केंद्रीय हज कमेटी ने सभी हज यात्रियों से आग्रह किया है कि निर्धारित समय तक हर हाल में कमेटी की वेबसाइट या ऐप पर बढ़ी हुई राशि जमा करें, नहीं तो हज यात्रियों को यात्रा में असुविधा हो सकती है। बता दें कि झारखंड के हज यात्रियों की कोलकाता एम्बारकेशन प्वाइंट से 18 अप्रैल से जेद्दा के लिए रवानागी शुरू हुई। 30 अप्रैल को हज यात्रियों का आखिरी काफिला जेद्दा के लिए रवाना होगा।
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Mohammad Azamसंक्षिप्त विवरण
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