ईरान-इजरायल युद्ध का झारखंड तक असर, महंगे हो गए कपड़े; बर्तन के भी बढ़े दाम

Mohammad Azam हिन्दुस्तान, रांची
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शादी का सीजन इस बार लोगों की जेब पर भारी पड़ता नजर आ रहा है। युद्ध के कारण रॉ मेटेरियल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है, जिसका असर शादी से जुड़े लगभग हर सामान पर दिखाई दे रहा है। दुल्हन के लहंगे से लेकर तिलक में चढ़ाए जाने वाले बर्तनों तक, सभी के दाम बढ़ गए हैं।

ईरान-इजरायल युद्ध का झारखंड तक असर, महंगे हो गए कपड़े; बर्तन के भी बढ़े दाम

शादी का सीजन इस बार लोगों की जेब पर भारी पड़ता नजर आ रहा है। युद्ध के कारण रॉ मेटेरियल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है, जिसका असर शादी से जुड़े लगभग हर सामान पर दिखाई दे रहा है। दुल्हन के लहंगे से लेकर तिलक में चढ़ाए जाने वाले बर्तनों तक, सभी के दाम बढ़ गए हैं।

कारोबारियों के अनुसार गुजरात में श्रमिकों की कमी और फैब्रिक समेत अन्य कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि के चलते जरी-जरदोशी वर्क वाले लहंगे और शेरवानी की कीमतों में 5 से 7 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है। इससे शादी के कपड़ों का बजट पहले के मुकाबले अधिक हो गया है। वहीं, बाजार में स्टील, पीतल और तांबे की कीमतों में भी 20 रुपये से 250 रुपये प्रति किलो तक का इजाफा हुआ है। इसका सीधा असर तिलक और अन्य रस्मों में उपयोग होने वाले बर्तनों पर पड़ा है।

कच्चे माल की कीमत ने बढ़ाई महंगाई

प्रसिद्ध कपड़ा व्यवसायी पंकज पोद्दार के अनुसार कपड़े की कीमतों में पिछले कुछ दिनों में 5 से 7 प्रतिशत तक की तेजी आयी है। इसकी मुख्य वजह सूरत की फैक्ट्रियों में कारीगरों की कमी और पेट्रो उत्पादों का महंगा होना है। वहीं, अपर बाजार के कपड़ा कारोबारी उमाशंकर कनोड़िया ने कहा कि कई उत्पादों में पॉलिस्टर का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन प्लास्टिक दाना महंगा होने से पॉलिस्टर की कीमत बढ़ गई है।

बर्तन के दाम बढ़ने से अब सामान में कटौती शुरू

शादी के तिलक में चढ़ाए जाने वाले बर्तनों की कीमतों में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। स्टील, पीतल और तांबे के बर्तनों के दाम कच्चे माल की महंगाई के कारण बढ़े हैं। बाजार में इन धातुओं की कीमत बढ़ने से बर्तनों की लागत भी बढ़ गई है। व्यापारियों के अनुसार बर्तनों की कीमत में प्रति किलो 20 रुपये से लेकर 250 रुपये तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। महंगाई के इस असर से शादी करने वाले परिवारों को अतिरिक्त खर्च का सामना करना पड़ रहा है। पहले से तय बजट अब कम पड़ता नजर आ रहा है, जिससे कई लोग खर्चों में कटौती करने को विवश हैं।

रांची के बाजार 24 पीस से 63 पीस का स्टेनलैस स्टील के बर्तन सेट उपलब्ध हैं। इनकी कीमत दो हजार रुपये से लेकर करीब आठ हजार रुपये तक है। वहीं, पीतल के बर्तन 10 हजार से लेकर 30 हजार रुपये तक सेट उपलब्ध हैं। बर्तन कारोबारी चंदन जायसवाल के अनुसार स्टील की कीमतों में 10 से 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वहीं, सर्वाधिक वृद्धि पीतल और तांबे की कीमतों में हुई है। इसमें प्रति किलो 250 रुपये तक का इजाफा हुआ है।

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संक्षिप्त विवरण

मोहम्मद आजम पिछले 3.5 सालों से पत्रकारिता कर रहे हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में बतौर कंटेंट प्रोडूसर काम कर रहे हैं।


विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: मोहम्मद आजम पिछले तीन सालों से ज्यादा समय से पत्रकारिता कर रहे हैं। कम समय में आजम ने पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया की बारीकियां सीखी हैं और अब भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्टेट न्यूज टीम में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

आजम ने ग्रेजुएशन तक विज्ञान की पढ़ाई की है, लेकिन राजनीतिक विषयों में रुचि उनको पत्रकारिता की तरफ खींच लाई। आजम ने अपना पोस्ट ग्रेजुएशन देश के अग्रणी संस्थानों में से एक भारतीय जनसंचार संस्थान से पूरा किया। विज्ञान बैकग्राउंड होने के चलते आजम को फैक्ट आधारित पत्रकारिता करने में महारत हासिल है।


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आजम की देश की राजनीति में काफी रुचि है। आजादी के पहले से लेकर आजादी के बाद की राजनीतिक घटनाओं की कई किताबों का अध्ययन होने के चलते अच्छी समझ है। यही कारण रहा कि आजम ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत राजनीतिक बीट से की। राजनीति के साथ आजम क्राइम और सोशल मीडिया पर वायरल चल रही खबरों में भी अच्छी महारत हासिल है।


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आजम का मानना है कि पत्रकारिता जनपक्षीय होनी चाहिए। पत्रकारिता के दौरान अपनी भावनाओं को काबू में रखकर तथ्य आधारित पत्रकारिता आजम को जिम्मेदार बनाती है। पत्रकारिता में आजम तथ्य आधारित सूचनाएं पहुंचाने के साथ ही, साहित्यिक लेखन में भी महारत हासिल है।


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