जया बच्चन को मुझसे पता नहीं क्या तकलीफ... निशिकांत दुबे ने बताया और किन सांसदों से लड़ाई?
Nishikant Dubey and Jaya Bachchan: निशिकांत दुबे ने इस राजनीतिक तकरार मे एक नया नाम जोड़ दिया है। निशिकांत दुबे ने एक ताजा इंटरव्यू में बताया, जया बच्चन को मुझसे पता नहीं क्या तकलीफ है... इसके साथ ही जानिए निशिकांत दुबे ने और किन सांसदों के बारे में बताया, जिनसे उनके दोस्ताना संबंध नहीं है।

Nishikant Dubey and Jaya Bachchan: गोड्डा से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे और टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के बीच की तनातनी भरी खबरें अक्सर सामने आती रहती हैं। निशिकांत दुबे ने इस राजनीतिक तकरार मे एक नया नाम जोड़ दिया है। निशिकांत दुबे ने एक ताजा इंटरव्यू में बताया, जया बच्चन को मुझसे पता नहीं क्या तकलीफ है... इसके साथ ही जानिए निशिकांत दुबे ने और किन सांसदों के बारे में बताया, जिनसे उनके दोस्ताना संबंध नहीं है।
किन सांसदों से है निशिकांत दुबे की लड़ाई?
टाइम्स नाउ पर इंटरव्यू के दौरान 'विपक्ष में दोस्त हैं' वाले सवाल पर सांसद निशिकांत दुबे ने कहा- मुझे लगता है कि 788 एमपी में से कम से कम 780 तो मेरे दोस्त हैं ही। उसमें तीन-चार बड़े नेता हैं भाजपा के, जो मेरे दोस्त नहीं हो सकते। बाकी एक-दो लोग हैं, जिनसे मेरी लड़ाई है। इसलिए मुझे पूरा भरोसा है कि 780 लोग मेरे दोस्त हैं।
"महुआ मोइत्रा के अलावा किन सांसदों से लड़ाई हैं" वाले सवाल के जवाब में सासंद ने पहले तो बात को टालते हुए कहा- "नहीं नहीं उनके अलावा मुझे बहुत पता नहीं है।" लेकिन फिर समाजवादी पार्टी से राज्यसभा सांसद जया बच्चन का नाम लेते हुए अपनी बात कही।
जया बच्चन को मुझसे पता नहीं क्या तकलीफ…
निशिकांत दुबे ने आगे कहा- “जया बच्चन जी पता नहीं मुझसे किस बात को लेकर मुझसे नाराज रहती हैं। वो मेरी आईटी कमेटी में थीं, लेकिन फिर बाद में उन्होंने इस्तीफा दे दिया और वो लेबर कमेटी में चली गईं। इस तरह मैं कह सकता हूं कि उनको मुझसे तकलीफ होगी, हालांकि मैं लड़ाई नहीं कह सकता, लेकिन तकलीफ तो होगी ही। किस कारण से तकलीफ है, मैं ढूंढने की कोशिश कर रहा हूं, लेकिन खोज नहीं पा रहा हूं कि क्या वजह है।”
महुआ-निशिकांत के बीच टकराव नया नहीं
आपको बताते चलें कि महुआ मोइत्रा और निशिकांत दुबे के बीच टकराव नया नहीं है। दोनों नेताओं के बीच कई बार संसद से लेकर सोशल मीडिया तक तीखी बयानबाजी हो चुकी है। साल 2023 में राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता रद्द होने के बाद विवाद सबसे ज्यादा बढ़ा था। उस समय महुआ मोइत्रा ने निशिकांत दुबे पर चुनावी हलफनामे में उम्र और डिग्री से जुड़ी गलत जानकारी देने का आरोप लगाया था।
महुआ ने निशिकांत पर कसे थे तंज
महुआ ने तंज कसते हुए कहा था कि दुबे ने “10 साल की उम्र में मैट्रिक पास” कर ली थी। वहीं निशिकांत दुबे ने जवाब देते हुए कहा था कि उनके खिलाफ हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग तक फैसला दे चुके हैं और महुआ सिर्फ राजनीतिक हमला कर रही हैं। दोनों के बीच विवाद की शुरुआत इससे भी पहले 2021 में संसद की आईटी मंत्रालय से जुड़ी स्थायी समिति की बैठक के दौरान हुई थी। उस समय निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया था कि महुआ मोइत्रा ने उन्हें “बिहारी गुंडा” कहा था।
निशिकांत दुबे के नगरवधू वाले बयान से मचा था बवाल
इसके बाद दोनों नेताओं के बीच सोशल मीडिया पर भी लगातार जुबानी जंग चलती रही। मार्च 2023 में निशिकांत दुबे द्वारा इस्तेमाल किए गए “नगरवधू” शब्द पर भी बड़ा विवाद हुआ था, जिसका जवाब महुआ मोइत्रा ने तंज भरे अंदाज में दिया था। तभी से दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक और व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं।
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Ratan Guptaरतन गुप्ता एक डिजिटल हिंदी जर्नलिस्ट/ कॉन्टेंट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान की स्टेट न्यूज टीम के साथ काम कर रहे हैं। वह क्राइम, राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर न्यूज आर्टिकल और एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखते हैं।
रतन गुप्ता वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर स्टेट न्यूज टीम में काम करते हैं। इस टीम में हिंदी पट्टी के 8 राज्यों दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात से जुड़ी खबरों की कवरेज करते हैं। उनका लेखन खास तौर से क्राइम, राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित रहता है।
लाइव हिंदुस्तान में बीते 2 साल से काम करते हुए रतन ने ब्रेकिंग न्यूज, राजनीतिक घटनाक्रम और कानून-व्यवस्था से जुड़ी खबरों पर लगातार लेखन किया है। इसके साथ ही वह एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखने में भी विशेष रुचि रखते हैं, जहां जटिल मुद्दों को सरल और तथ्यपरक भाषा में पाठकों के सामने रखते हैं।
रतन गुप्ता ने बायोलॉजी में ग्रेजुएशन किया है, जिसके बाद उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की है। साइंस बैकग्राउंड होने के कारण उनकी न्यूज और एनालिसिस स्टोरी में साइंटिफिक टेंपरामेंट, लॉजिकल अप्रोच और फैक्ट-बेस्ड सोच साफ दिखाई देती है। वह किसी भी मुद्दे पर रिपोर्टिंग करते समय दोनों पक्षों की बात, मौजूद तथ्यों और आधिकारिक स्रोतों को प्राथमिकता देते हैं, ताकि यूजर तक संतुलित और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे।
इसके साथ ही आईआईएमसी की एकेडमिक पढ़ाई ने उन्हें रिपोर्टिंग, न्यूज प्रोडक्शन, मीडिया एथिक्स और पब्लिक अफेयर्स की गहरी समझ दी है। इसका सीधा असर उनके लेखन की विश्वसनीयता और संतुलन में दिखाई देता है।
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