झारखंड में 23 फरवरी को रहेगी छुट्टी, नगर निकाय चुनाव को लेकर आदेश जारी
झारखंड में नगर निकाय चुनाव के मतदान के दिन संबंधित नगरपालिका क्षेत्र में छुट्टी रहेगी। इस दिन संबंधित नगरपालिका क्षेत्र में सभी दुकान एवं प्रतिष्ठान भी बंद रहेंगे। इनके कर्मियों को वेतन भी मिलेगा। कार्मिक विभाग ने इसे लेकर शुक्रवार को अधिसूचना जारी कर दिया है।

झारखंड में नगर निकाय चुनाव के मतदान के दिन संबंधित नगरपालिका क्षेत्र में छुट्टी रहेगी। इस दिन संबंधित नगरपालिका क्षेत्र में सभी दुकान एवं प्रतिष्ठान भी बंद रहेंगे। इनके कर्मियों को वेतन भी मिलेगा। कार्मिक विभाग ने इसे लेकर शुक्रवार को अधिसूचना जारी कर दिया है।
जारी अधिसूचना में कहा गया है कि कोई व्यक्ति सामान्य तौर पर नगर निकाय क्षेत्र में निवास करता हो और उस निर्वाचन क्षेत्र का मतदाता भी हो, परन्तु वह नगर निकाय क्षेत्र के बाहर के औद्योगिक इकाई, प्रतिष्ठान या दुकान में कार्यरत हो या अपनी सेवाएं दे रहा हो, तो उसे भी मतदान के दिन नियोक्ता द्वारा सवैतनिक अवकाश मंजूर किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त वैसे कामगार जो कैजुअल वर्कर एवं डेली वेजेज के रूप में निर्वाचन क्षेत्र से बाहर के संस्थान, प्रतिष्ठान आदि में कार्यरत हैं एवं यदि वे उक्त निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता है, तो उन्हें भी सवैतनिक अवकाश की मंजूरी दी जाएगी। बता दें कि नगर निकाय चुनाव को लेकर मतदान की तिथि 23 फरवरी निर्धारित है।
चुनाव में केंद्रीय सुरक्षाबलों की हो प्रतिनियुक्ति : भाजपा
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद आदित्य साहू के नेतृत्व में पार्टी के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को निर्वाचन आयुक्त से मिलकर ज्ञापन सौंपा। इसमें पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र कुमार राय, प्रदेश उपाध्यक्ष आरती कुजूर, सह मीडिया प्रभारी अशोक बड़ाईक, विधि प्रकोष्ठ के संयोजक सुधीर श्रीवास्तव, चंद्रप्रकाश शामिल हुए।
बाद में प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता करते हुए आदित्य ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है और राज्य सरकार मस्त है। अपराधियों की समानांतर सरकार चल रही है। उन्होंने निकाय चुनाव में केंद्रीय सुरक्षाबलों की प्रतिनियुक्ति की मांग की।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।


