झारखंड: रामगढ़ जिले में इन लोगों को सरकार ने दी आर्थिक मदद, विभागों को निर्देश
झारखंड सरकार ने रामगढ़ जिले में आपदा प्रभावित परिवारों और किसानों को त्वरित राहत के तहत आर्थिक मदद सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर किया। विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ें यह रिपोर्ट…

झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने रामगढ़ जिले में आपदा प्रभावित परिवारों को फौरी राहत के तहत आर्थिक मदद प्रदान की है। रामगढ़ जिला प्रशासन ने शनिवार का कुल 52 लाख 65 हजार 500 रुपये की सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से जारी की।
यह रकम वज्रपात, पानी में डूबने और सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों और पशुधन की क्षति झेलने वाले किसानों को आर्थिक मुआवजे के रूप में दी गई। प्रमंडलीय आयुक्त विजय कुमार गुप्ता और उपायुक्त ऋतुराज ने संयुक्त रूप से सहायता राशि जारी की।
प्रशासन की ओर से बताया गया कि आपदा प्रभावित परिवारों को शीघ्र आर्थिक संबल उपलब्ध कराने और भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए डीबीटी प्रणाली का उपयोग किया गया।
जिला प्रशासन के अनुसार, वज्रपात से जान गंवाने वाले 5 लोगों के आश्रितों को अनुग्रह अनुदान दिया गया। वहीं वज्रपात से 16 दुधारू एवं अन्य पशुओं की मौत होने पर उनके मालिकों को आजीविका की क्षति के लिए मुआवजा प्रदान किया गया।
इसके साथ ही पानी में डूबने से असमय मौत के शिकार 5 लोगों के परिजनों और सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले 3 लोगों के परिवारों को भी आपदा राहत कोष से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई।
इस मौके पर प्रमंडलीय आयुक्त विजय कुमार गुप्ता ने कहा कि सरकार और जिला प्रशासन हर आपदा की घड़ी में प्रभावित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता के साथ खड़ा है और पीड़ितों को समय पर राहत पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है।
उपायुक्त ने सभी अंचल अधिकारियों और संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि आपदा से जुड़े मामलों का निष्पादन सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर किया जाए, ताकि किसी भी पीड़ित परिवार को सहायता के लिए कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
इस मौके पर प्रमंडलीय आयुक्त विजय कुमार गुप्ता ने कहा कि सरकार और जिला प्रशासन हर आपदा की घड़ी में प्रभावित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता के साथ खड़ा है तथा राहत सहायता समय पर उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।
वहीं उपायुक्त ऋतुराज ने सभी अंचल अधिकारियों एवं संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि आपदा से जुड़े मामलों का निष्पादन सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर करें, ताकि किसी भी पीड़ित परिवार को सहायता के लिए कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। प्रशासन पारदर्शी और त्वरित प्रक्रिया के माध्यम से हर पात्र लाभुक तक राहत पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।


