शव लेकर पहुंचे एंबुलेंस को परिजनों ने बनाया बंधक
विष्णुगढ़ के मड़मो पंचायत निवासी प्रवासी मजदूर खेमलाल महतो की कर्नाटक में मौत के बाद परिजनों ने एंबुलेंस को बंधक बना लिया। मृतक की पत्नी के खाते में मुआवजा राशि ट्रांसफर होने के बाद एंबुलेंस को मुक्त किया गया। विधायक नागेन्द्र महतो ने भी मामले में पहल की थी।

विष्णुगढ़ प्रतिनिधि। विष्णुगढ़ के मड़मो पंचायत अंतर्गत नीलकंठवा टोला निवासी प्रवासी मजदूर 36 वर्षीय खेमलाल महतो पिता धनी महतो की कर्नाटक में बीते 8 मई को मौत हो गई थी। 12 दिनों के बाद उसका शव एंबुलेंस से गांव लाया गया। शव के पहुंचते हीं परिजनों एवं ग्रामीणों ने एंबुलेंस को बंधक बना लिया।
घटनाक्रम
परिजनों का आरोप है कि प्रवासी मजदूर खेमलाल कर्नाटक में एक ट्रांसमिशन लाइन में काम करते थे। काम के दौरान उनकी आकस्मिक मौत हो गई थी। घटना के बाद परिजनों ने नियोक्ता कंपनी से शव को गांव भेजने तथा मुआवजा की मांग की। कंपनी मुआवजा को लेकर टालमटोल करती रही। बुधवार को जब उसका शव गांव पहुंचा तो परिजनों ने एंबुलेंस को बंधक बना लिया। एंबुलेंसकर्मियों ने बंधक बनाए जाने की जानकारी कंपनी के प्रतिनिधियों को दी। इसके बाद कंपनी के प्रतिनिधि रेस हुए और मृतक की पत्नी के खाते में तुरंत डेढ़ लाख रूपये ट्रांसफर किए। परिजन मुआवजा से आश्वस्त हुए तब एंबुलेंस को मुक्त किया गया।
परिवार की स्थिति
बता दें कि खेमलाल महतो घर की खराब आर्थिक हालात को देखते हुए काम करने के लिए नवंबर 2025 में कर्नाटक गए थे। वहां वे ट्रांसमिशन लाइन में कार्यरत थे। काम करने के दौरान 08 मई को उनकी मौत हो गई थी। घटना के बाद से पीड़ित परिजन शव के इंतजार में थे। बगोदर विधायक नागेन्द्र महतो ने भी इस मामले में पहल की थी। मुआवजा मिलने के बाद शव का स्थानीय मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार किया गया।
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