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हजारीबाग

अपडेट: कोविड काल में किसानों के लिए वरदान बना ई-नाम

हिन्दुस्तान टीम,हजारीबागPublished By: Newswrap
Thu, 17 Jun 2021 03:10 AM
अपडेट: कोविड काल में किसानों के लिए वरदान बना ई-नाम

हजारीबाग डॉ प्रसन्न

किसानों के लिए राष्ट्रीय कृषि बाजार या नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट (ई-नाम) से व्यापार कोविड काल में वरदान साबित हुआ है। ई नाम से किसानों को न व्यापारियों और न बिचौलियों से संपर्क का खतरा और न सामाजिक दूरी का उल्लंघन का डर। उनकी उपज सीधा खेत से ऑनलाइन बिक रही है साथ ही उनके खातों में डिजटल पेमेंट भी मिल रहे हैं। हजारीबाग बाजार समिति से इस बार एक करोड़ 18 लाख का गेहूं, तीन लाख का टमाटर, तरबूज एक लाख 68 हजार और प्याज एक लाख 55 हजार का ऑनलाइन बिक चुका है।

हिंग लगे न फिटकिरी रंग भी चोखा:

किसान अपने खेतों की उपज की तस्वीर खुद या बाजार समति के माध्यम से ई-नाम पोर्टल पर अपलोड करते हैं। अपलोड करते ही बाजार समिति उसकी बीड लगाती है और संबंधित व्यापारियों को उपज को खरीदने का समय तय करती है। उपज बिकते ही किसानों के खाते में डायरेक्ट डिजिटल माध्यम से उपलब्ध करवा दे रही है।

अब तक 116 लाख 75 हजार का पेमेंट का रिकॉर्ड

एक अप्रैल से 16 जून तक 116 लाख 75 हजार डिजिटल पेमेंट किसानों को बाजार समिति डायरेक्ट उनके खातों में करवा चुकी है। हजारीबाग बाजार समिति में अब तक 143 लाख का व्यापार हो चुका है। इसमें 90 प्रतिशत के आसपास डिजिटल पेमेंट हुआ है। बाजार समिति के सचिव राकेश कुमार सिंह बताते हैं कि पूरे देश में हजारीबाग बाजार समिति डिजिटल पेमेंट देश भर में टॉप टेन में आ गयी है। यहां की बाजार समिति आठवें नंबर है।

क्या है ई- नाम

राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-नाम) कृषि उपजों की ऑनलाइन बिक्री के लिए पूरे भारत में इलेक्ट्रॉनिक पोर्टल है। एफपीओ की ओर से सीमांत किसानों को संगठित कर बडे़ पैमाने पर गेहूं, धान, टमाटर, आलू एवं तरबूज का ऑनलाईन व्यापार किया जा रहा है। इसमें किसान उत्पादक समूहों (एफपीओ) का मुख्य सहयोग रहा है, वर्तमान में ई-नाम हजारीबाग से 26 पीएफओ पंजीकृत हैं। वर्तमान में इस पोर्टल से 20 राज्यों की 1000 बाजार समितियां संबद्ध हैं, इसमें झारखंड की 19 बाजार समितियां शामिल हैं।

राज्य में दो लाख 16 हजार 366 किसान ओर 2026 व्यापारी पंजीकृत

वर्तमान में राज्य के ई-नाम पोर्टल से 2 लाख 16 हजार 366 किसान एवं 2026 व्यपारी पंजीकृत है। 18 व्यापारियों की ओर से ई-नाम के माध्यम से आनलाईन कृषि उपजों की खरीद की जा रही हैं।

हजारीबाग बाजार समिति बहुत अच्छा का काम कर रही है। आने वाले दिनों में अधिकाधिक किसानों को ई नाम से जोड़ा जाएगा। चैंबर्स ऑफ फामर्स ने भी ई नाम से बेचना शुरू कर दिया गया है।

बादल पत्रलेख कृषि मंत्री झारखंड

ई नाम के लिए किसानों को प्रखंडों में ब्रांड अंबेस्डर बनाया हुआ है। वही लोग किसानों को ई नाम से जुड़ने के लिए प्रेरित करते है। हजारीबाग की बाजार समिति देश भर बेहतर कार्य कर रही है।

विद्याभूषण सदर एसडीओ सह अध्यक्ष हजारीबाग बाजार समिति

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