जिले में वर्ष 2025-26 में मनरेगा के तहत संचालित योजनाओं में केवल 26.40 प्रतिशत योजना ही हुई पूरी
हजारीबाग जिले में मनरेगा के तहत 2025-26 में 89 हजार 85 योजनाओं में से केवल 26.40 प्रतिशत योजनाएं पूरी हुई हैं। जिले में 2,51,519 सक्रिय मजदूरों में से केवल 23,570 को काम मिल रहा है, जबकि अन्य मजदूर रोजगार के लिए पलायन कर रहे हैं। कई पंचायतों में मनरेगा का कार्य ठप है।

हजारीबाग जिले में वर्ष 2025-26 में मनरेगा के तहत 89 हजार 85 योजना में से केवल 26.40 प्रतिशत योजना ही पूरा हो पाया है । जबकि शेष योजना आज भी अधूरा पड़ा हुआ है । जबकि जिले में कुल दो लाख 2519 एक्टिव मजदूरों में से केवल 23 हजार 570 मजदूरों को ही काम मिल पा रहा है ।शेष मजदूर काम के अभाव में दुसरे राज्यों में रोजगार की तालास में पलायन कर रहे हैं ।जिले में कुल 250 पंचायत है। जिसमें इन दिनों कई पंचायतों में मनरेगा का काम नहीं चल रहा है। जिसमें सबसे खराब प्रदर्शन डांडी, चुरचू , बरकट्ठा , चलकुशा , कटकमदाग और कटकमसांडी प्रखंड का है ।
इन सभी प्रखंडों में मनरेगा का काम पूर्ण करने का औसत प्रतिशत 19 से कम हो जो काफी चिंता जनक है । कटकमदाग प्रखंड के बेस एक ऐसा पंचायत है जहां पर अधिकांश मनरेगा योजना मजदूर से नहीं बल्कि जेसीबी मशीन से कराया गया है । जबकि इस पंचायत के कई मजदूर काम के अभाव में दुसरे राज्यों में रोजगार को लेकर पलायय कर गए हैं । जिला से प्राप्त आंकड़ा के अनुसार सदर प्रखंड में 5713 स्वीकृत योजना में केवल 1610 योजना ही पुर्ण किया गया है। जबकि 4103 योजना आज भी अधुरा पड़ा हुआ है ।उसी प्रकार विष्णुगढ़ प्रखंड में 8324 में से 2147 पुरा कर लिया गया है और 6177 योजना अधूरा पड़ा हुआ है । इचाक में 10 हजार 299 में से 4427 पूरा कर लिया गया है और 5872 योजना आज भी अधूरा पड़ा हुआ है ।, बड़कागांव में 8016 में से 1580 पूर्ण कर लिया गया है, जबकि 6436 योजना आज भी अधूरा पड़ा हुआ है । केरेडारी में 6573 योजना में से 1447 पूरा कर लिया गया है और 5126 योजना अधूरा पड़ा हुआ है । डाडी में 2375 में से केवल 239 योजना को ही पूरा किया गया है शेष 3126 योजना आज भी अधूरा पड़ा हुआ है । पदमा में 3934 में से 1298 पुरा कर लिया गया है जबकि 2636 योजना अधूरा पड़ा हुआ है । चालकुशा में 2242 में से 376 योजना पूर्ण कर लिया गया है शेष 1866 योजना अधुरा पड़ा हुआ है । चुरचू में 2961 में 352 पूर्ण और 2602 योजना अधुरा है । टाटीझरिया में 2392 में से 478 योजना पुरा किया गया है जबकि 1914 योजना अधुरा पड़ा हुआ है । कटकमदाग में 2255 में सै 414 पूर्ण और 1841 योजना आज भी अधूरा पड़ा हुआ है । दारू मे 6236 में से 2666 पुरा कर लिया गया है शेष 3570 योजना अधूरा है । बरकट्ठा में 5591 में से 669 पूर्ण कर लिया गया है जबकि 4922 योजना अधुरा है । बरही में 5095 में से केवल 1098 योजना ही पूरा किया गया है और 3997 योजना आज भी अधूरा पड़ा हुआ है । चौपारण प्रखंड में 11 हजार 677 में से 3702 योजना पुरा किया गया है शेष 7975 योजना अधुरा पड़ा हुआ है ।वही कटकमसांडी प्रखंड में 5402 स्वीकृत योजना में से केवल 1019 योजना को ही पुरा किया गया है शेष 4383 योजना आज भी अधुरा पड़ा हुआ है। जिला में कुल स्वीकृत 89 हजार 85 योजना में से केवल 23 हजार 522 योजना को ही पुरा किया गया है ।शेष 65 हजार 563 योजना आज भी अधुरा पड़ा हुआ है । जबकि केन्द्र सरकार ने अगले वित्तीय वर्ष में मनरेगा योजना के जगह पर नई योजना शुभारंभ करने जा रही है । ऐसे में इतनी सारी योजनाएं नहीं पूर्ण होना मनरेगा के लिए एक बड़ी चुनौती है।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।



