प्रतिभागियों को वनाधिकार कानून की दी गई जानकारी
विष्णुगढ़ में सोसाइटी फॉर सस्टेनेबिलिटी द्वारा वन अधिकार अधिनियम, 2006 के अंतर्गत दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 55 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनकी आजीविका जंगल पर निर्भर है। प्रशिक्षण में कानून की जानकारी, स्थानीय संसाधनों के उपयोग और रोजगार के अवसरों पर चर्चा की गई।

विष्णुगढ़, प्रतिनिधि। वन अधिकार अधिनियम, 2006 एवं संशोधित नियम 2012 के अंतर्गत सोसाइटी फॉर सस्टेनेबिलिटी द्वारा बगोदर रोड स्थित एक रेस्टोरेंट में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रथम दिन मंगलवार को भेलवारा तथा बुधवार को खरना पंचायत के 6 गांवों के 55 प्रतिभागियों ने भाग लिया। जिनकी मुख्य आजीविका जंगल पर निर्भर है और अधिकांश युवा रोजगार के लिए पलायन करने को विवश हैं। प्रतिभागियों को वन अधिकार अधिनियम, 2006 एवं संशोधित नियम 2012 के बारे में सरल एवं सहज भाषा में जानकारी दी गई। इसमें कानून के विभिन्न प्रावधानों, उनके विधिक पक्षों तथा क्रियान्वयन में आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान को बताया गया।वन
अधिकार कानून कोई योजना नहीं, बल्कि एक कानूनी अधिकार है। इसलिए जो भी पात्र लोग हैं, विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, उन्हें अपने अधिकारों की मान्यता अवश्य प्राप्त करनी चाहिए। प्रशिक्षण में प्रतिभागियों ने खुलकर अपनी बातें रखीं और अनुभव साझा किए। प्रशिक्षण के दौरान जंगल आधारित आजीविका और पलायन के संबंध पर भी गंभीर चर्चा की गई। बताया गया कि यदि स्थानीय संसाधनों का सही उपयोग और मूल्य संवर्धन किया जाए, तो गांवों में ही रोजगार के बेहतर अवसर उत्पन्न हो सकते हैं और पलायन को रोका जा सकता है। इस कार्यक्रम में वन समिति के सदस्यों की भी महत्वपूर्ण भागीदारी रही। प्रशिक्षण में सचिव गौरव, प्रोजेक्ट मैनेजर गुफरान, एफआरए ट्रेनर रामाधीन तिवारी, मनोज, गुड़िया, संजू, प्रतिमा, दुलारी आदि का काफी योगदान रहा।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


