1500 सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदली

हिन्दुस्तान, हजारीबाग
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सरकारी स्कूलों में ज्ञान की नई किरण अब मुफ्त किताबों और बैग के साथ संवर रहा बच्चों का भविष्य हजारीबाग हमारे प्रतिनिधि नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शु

1500 सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदली

हजारीबाग हमारे प्रतिनिधि नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत के साथ ही हजारीबाग के सरकारी विद्यालयों की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। अब सरकारी स्कूल न केवल शिक्षा का केंद्र हैं, बल्कि सुविधाओं के मामले में कई निजी स्कूलों को कड़ी टक्कर दे रहे हैं। सत्र की शुरुआत के साथ ही जिले के 1,500 से अधिक सरकारी विद्यालयों में 2.5 लाख से अधिक विद्यार्थियों को नि:शुल्क पाठ्य-पुस्तकें और बैग मिलने से स्कूलों में नई रौनक है। अक्सर अभिभावक निजी स्कूलों की चकाचौंध के पीछे भागते हैं, लेकिन हकीकत कुछ और ही है। निजी स्कूलों में हर साल फीस में भारी बढ़ोतरी और महंगी किताबों के नाम पर होने वाली लूट से आम आदमी का बजट बिगड़ जाता है। इसके विपरीत, सरकारी स्कूलों में न केवल शिक्षा पूर्णतः नि:शुल्क है, बल्कि यहाँ मिलने वाली सुविधाएँ अब निजी संस्थानों से भी बेहतर साबित हो रही हैं। निजी स्कूलों में हर साल हजारों रुपये केवल किताबों और फीस में खर्च होते हैं, जबकि सरकारी स्कूलों में सरकार सब कुछ मुफ्त दे रही है। सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों को सरकार की ओर से छात्रवृत्ति और अन्य आर्थिक लाभ मिलते हैं, जो निजी स्कूलों में संभव नहीं है। आज के सरकारी स्कूलों में प्रशिक्षित शिक्षकों की तैनाती, लेबोरेट्री खेल सामग्री और स्मार्ट क्लास जैसी आधुनिक व्यवस्थाएं शिक्षा की नींव को मजबूत कर रही हैं। राज्य स्तर से मॉनिटरिंग और बेहतर लॉजिस्टिक्स ने सरकारी तंत्र में पारदर्शिता को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया है。

अभिभावकों के लिए सरकारी स्कूल सबसे बेहतर विकल्प

समय पर किताबें मिलने और शैक्षणिक माहौल में सुधार ने यह सिद्ध कर दिया है कि बच्चों के भविष्य के लिए सरकारी स्कूल सबसे सुरक्षित और सुदृढ़ विकल्प हैं। हजारीबाग शिक्षा विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि हर बच्चे तक पठन-पाठन सामग्री पहुँचे।अब अभिभावक जागरूक हो रहे हैं और समझ रहे हैं कि निजी स्कूलों की महंगी फीस का अर्थ बेहतर शिक्षा नहीं है। सरकारी स्कूलों की सुविधाएं, सरकार का सहयोग और बिना किसी आर्थिक बोझ के गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ने साबित कर दिया है कि सरकारी अब सर्वश्रेष्ठ है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने कहा कि अपने बच्चों का भविष्य सुरक्षित करने के लिए आज ही नजदीकी सरकारी विद्यालय में संपर्क करें और शिक्षा की इस नई लहर का हिस्सा बनें।

सामान्य प्रश्न

हजारीबाग के सरकारी स्कूलों में कितने विद्यार्थियों को नि:शुल्क किताबें दी गई हैं?
हजारीबाग के सरकारी विद्यालयों में 2.5 लाख से अधिक विद्यार्थियों को नि:शुल्क पाठ्य-पुस्तकें और बैग मिले हैं।
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