
महिलाओं के सशक्तिकरण से ही होगा समाज में परिवर्तन: उमेश मेहता
बरही में बाल विवाह मुक्त झारखंड एवं डायन प्रथा उन्मूलन विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि उमेश मेहता ने बाल विवाह के खिलाफ कानूनी प्रावधानों के पालन की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यशाला में पंचायत की महिलाएं शामिल थीं और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के लिए नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया।
बरही प्रतिनिधि। सामाजिक कुरीति निवारण योजना के तहत नगर भवन में बाल विवाह मुक्त झारखंड एवं डायन प्रथा उन्मूलन विषय पर प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में हमारा संकल्प सुरक्षित एवं सशक्त महिला, सशक्त झारखंड के तहत नगर भवन में बाल विवाह मुक्त झारखंड एवं डायन प्रथा उन्मूलन विषय पर प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला को मुख्य अतिथि जिला परिषद के अध्यक्ष उमेश मेहता, विशिष्ट अतिथि जिला परिषद के उपाध्यक्ष किशुन यादव, एसडीओ जोहन टुड्डू, एसडीपीओ अजीत कुमार विमल, प्रमुख मनोज कुमार रजक, बीडीओ जयपाल महतो विधायक प्रतिनिधि रमेश ठाकुर, जिप प्रतिनिधि गणेश यादव ने संबोधित किया। कार्यशाला में प्रखंड के विभिन्न पंचायतों की महिलाएं शामिल थीं।अतिथियों
ने दीप प्रज्वलित कर कार्यशाला का शुभारंभ किया। कार्यशाला में बाल विवाह से बालिकाओं, परिवार और समाज पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव, सामाजिक, शैक्षणिक और स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों की जानकारी दी गई। नुक्कड़ नाटक का मंचन कर अपील की गई कि अपने आसपास होने वाले बाल विवाह की घटनाओं की जानकारी प्रशासन को दें। मुख्यअतिथि जिला परिषद के अध्यक्ष उमेश मेहता ने कहा कि बाल विवाह के खिलाफ बनाए गए कानूनी प्रावधानों का पालन और समाज में जागरूकता दोनों ही आवश्यक है। कहा कि माता पिता बालक बालिकाओं को समान शिक्षा का अवसर दें। जिप उपाध्यक्ष किशुन यादव ने कहा कि सामाजिक कुरीतियों की जड़ अशिक्षा और जागरूकता की कमी है। बरही एसडीओ जोहन टुड्डू ने कहा कि बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी है। हर व्यक्ति को सजग रहना चाहिए। फोटो बरही पी1: कार्यशाला में लोगों को शपथ दिलाते मुख्य अतिथि एवं अतिथि।

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