आईएआरआई में जैव उर्वरक एवं जैव कीटनाशियों के उत्पादन एवं उपयोग पर कार्यशाला

Mar 10, 2026 12:52 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, हजारीबाग
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भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान गौरियाकरमा में जैव उर्वरकों एवं जैव कीटनाशियों के उत्पादन एवं उपयोग पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। 30 प्रशिक्षणार्थी शामिल हैं। अधिकारियों ने रासायनिक उर्वरकों के पर्यावरण अनुकूल विकल्पों के महत्व को बताया और किसानों को जैविक तकनीकों को अपनाने की सलाह दी।

आईएआरआई में जैव उर्वरक एवं जैव कीटनाशियों के उत्पादन एवं उपयोग पर कार्यशाला

बरही प्रतिनिधि। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान गौरियाकरमा में कृषि में जैव उर्वरकों एवं जैव कीटनाशियों का बड़े पैमाने पर उत्पादन एवं उपयोग विषय पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। प्रशिक्षण कार्यक्रम में 30 प्रशिक्षणार्थी शामिल थे। प्रशासनिक अधिकारी सुबोध नीरज ने जैव उर्वरक एवं जैव कीटनाशियों का महत्व बताते हुए कहा कि ये रासायनिक उर्वरकों के पर्यावरण अनुकूल विकल्प हैं। लंबे समय के कृषि के लिए यह अत्यंत आवश्यक हैं। प्रशांत कुमार ने किसानों को प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ उत्पादकता बढ़ाने के लिए जैविक तकनीकों को अपनाने की सलाह दी। कार्यक्रम का संचालन डॉ हिमानी प्रिया और डॉ रंजीत सिंह ने किया।

डॉ श्रीनिवास राघवन, डॉ दीपक कुमार गुप्ता और डॉ काशीनाथ ने जैव उर्वरक की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम के समन्वयक थे परिसर प्रभारी डॉ एसके महंता और डॉ विशाल नाथ।

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