अंधविश्वास एवं डायन कुप्रथा को लेकर ग्रामीणों को किया जागरूक
विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में अंधविश्वास के कारण एक मासूम की बलि दे दी गई। यह घटना 24 मार्च को हुई और एक अप्रैल को इसका खुलासा हुआ। प्रशासन ने अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाया। जेएसएलपीएस ने महिलाओं को बताया कि ये सब अशिक्षा का परिणाम हैं और ऐसी कुप्रथाओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

विष्णुगढ़ प्रतिनिधि। विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में अंधविश्वास की जड़ें आज भी गहरी है। इसी अंधविश्वास में आकर एक मासूम की बलि दे दी गई। विष्णुगढ़ में बीते 24 मार्च को घटित हुई घटना के बाद एक अप्रैल को जब इस मामले पर से पर्दा उठा तो हर कोई इस हृदयविदारक घटना को सुनकर कांप गया। सभी में इस घटना में शामिल लोगों के प्रति गहरा आक्रोश देखा गया और इसे मानवता एवं रिश्ते को शर्मशार करने वाला बताया। इस घटनाक्रम में पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक जो बातें छन कर आई है। उसमें अंधविश्वास और ओझा-गुणी के चक्कर में ऐसी घटना का होना बताया गया है।
इसे लेकर गुरूवार को मृतका के गांव में प्रशासन द्वारा अंधविश्वास एवं डायन कुप्रथा के खिलाफ जगह-जगह पोस्टर चस्पा कर लोगों को जागरूक किया गया। इसके अलावा जेएसएलपीएस के द्वारा महिलाओं के साथ बैठक कर डायन, ओझा-गुणी एवं तंत्र-मंत्र के खिलाफ जानकारी दी गई। जेएसएलपीएस बीपीएम दिव्या सिन्हा ने महिलाओं को बताया कि डायन, ओझा-गुणी, भूत-प्रेत आदि अशिक्षा की उपज है। ग्रामीण क्षेत्रों में इसे लेकर लोगों में आज भी विश्वास कायम है। जबकि इस तरह की कोई क्रिया नहीं होती और सभी उनके द्वारा बताई गई सारी बातें भ्रामक और तथ्यहीन है। बीमार आदि होने पर स्थानीय अस्पताल में इलाज कराएं। शिक्षित लोगों से समस्या को लेकर विचार-विमर्श करें। इस तरह की कुप्रथा के झांसे में नहीं आएं। इसके खिलाफ कड़े कानूनी दंड का प्रावधान है। मौके पर बीडीओ अखिलेश कुमार समेत कई प्रखंडकर्मी मौजूद थे।
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