The picture of the barhi assembly are becoming clear - साफ होती जा रही है बरही विधानसभा की तस्वीर DA Image
21 नबम्बर, 2019|1:42|IST

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साफ होती जा रही है बरही विधानसभा की तस्वीर

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धीरे-धीरे बरही विधानसभा की तस्वीर साफ होती जा रही है। इस बार भी पाला बदलकर दोनों प्रतिद्वन्द्वी आमने-सामने हैं। तीसरा प्रत्याशी त्रिकोण बनाते हुए दो दिगज्जों के बीच ट्वीस्ट ला सकता है। मनोज कुमार यादव और उमाशंकर अकेला के बीच वर्ष 1990 के विधानसभा चुनाव से ही प्रतिद्वन्दिता रही है जिसमें वर्ष 2009 में उमाशंकर अकेला को सफलता मिली जबकि चार बार मनोज कुमार यादव चुनाव जितने में सफल रहे। इसके पूर्व चर्चित रहे प्रतिद्वन्दियों में निरंजन सिंह और रामलखन सिंह का नाम शामिल रहा है। 1980 से 1995 तक दोनों एक दूसरे के घोर प्रतिद्वन्दी रहे थे। इस प्रतिद्वन्दिता में दो बार 1980 और 1985 में निरंजन सिंह को सफलता मिली थी जबकि 1990 में सफलता पाने मेंरामलखन सिंह सफल रहे थे। 1995 से 2005 तक लगातार चुनाव जितकर मनोज कुमार यादव ने हैट्रिक बनायी वहीं 2009 में उमाशंकर अकेला भाजपा से विधायक बनने में सफल रहे। 2014 में एक बार फिर विधानसभा चुनाव जितकर मनोज कुमार यादव ने चौथी बार विधायक बनने का रिकार्ड बनाया। अब 2019 विधानसभा चुनाव की बिसात बिछ चुकी है। दो चिर प्रतिद्न्दी आमने सामने हैं। टिकट बंटवारे से ही शह और मात के दांव खेले जाने शुरु हो गये हैं। बरही में ट्रेंगल बनने की उम्मीद है जो दो चिर प्रतिद्वन्दी प्रत्याशियों को परेशानी में डाल सकता है।--------

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