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मौसम के उतार चढ़ाव के साथ बढ़ी बीमारों की संख्या

इन दिनों मौसम में सबसे अधिक उतार चढ़ाव हो रहा हे। कभी गर्म तो कभी ठंड। ऐसे में सर्दी, खांसी, बुखार के साथ एलर्जी का प्रकोप भी बढ़ रहा है। घर घर...

मौसम के उतार चढ़ाव के साथ बढ़ी बीमारों की संख्या
हिन्दुस्तान टीम,हजारीबागThu, 22 Feb 2024 02:00 AM
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हजारीबाग हमारे प्रतिनिधि
हजारीबाग मेडिकल कॉलेज अस्पताल के ओपीडी के दोनों शिफ्ट में 700 से 800 मरीज पहुंच रहे थे। यह आंकड़ा पिछले दो दिनों में एक हजार पार कर गया है। शिशु विभाग में भी बीमार बच्चों की संख्या अचानक बढ़ गई है। प्रतिदिन 50 से 75 बच्चे इलाज के लिए पहुंच रहे। सभी बच्चों में सर्दी खांसी बुखार और एलर्जी जनित लक्षण पाए जा रहे हैं। कई नवजात निमोनिया के चपेट में आ गए हैं। अस्पताल में सांस संबंधी रोगी सीओपीडी के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। सिविल सर्जन डॉ सरजू प्रसाद सिंह कहते हैं कि जिला अस्पताल से लेकर सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में जांच से लेकर दवा तक उपलब्ध है। डॉक्टर भी अलर्ट है। मौसम में बदलाव आने के बाद यह स्थिति आती है लोगों को सजग रहने की जरूरत है। चेस्ट स्पेशलिस्ट डॉ निखिल आनंद कहते हैं कि बसंत ऋतु में तापमान में परिवर्तन सबसे अधिक होता है। दिन में मौसम गर्म और सुबह और रात में ठंड बढ़ जाता है। ऐसे मौसम में खांसी के संक्रमण की संभावना बढ़ जाती है। बसंत ऋतु में वातावरण में परागगण की मात्रा बढ़ जाती है।

एलर्जी वालों के लिए मौसम का बदलाव परेशानी का सबब

जो एलर्जी से प्रभावित रोगियों के लिए मुसीबत का कारण बन जाता है। इस वजह से आंख में जलन नाक में खुजली गले में खराश और खांसी जैसे लक्षण समान रूप से प्रकट होते हैं। मौसम बदलने से सांस की नली में संवेदनशीलता बढ़ जाती है। सांस की नली सिकुड़ जाती है। इससे सांस लेने में लोगों को परेशानी होती है।

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