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हजारीबागजाति-बिरादरी वालों ने कर लिया किनारा, बेटियों ने दिया मां की अर्थी को कंधा

हिन्दुस्तान टीम,हजारीबागPublished By: Newswrap
Tue, 25 May 2021 04:00 AM
जाति-बिरादरी वालों ने कर लिया किनारा, बेटियों ने दिया मां की अर्थी को कंधा

दारू (हजारीबाग) प्रतिनिधि

खंभवा के कमल भुइंया के यहां जाति बिरादरी वालों का आना जाना किसी कारण से बंद है। इसी बीच उनकी 55 वर्षीया पत्नी कुंती देवी का सोमवार की सुबह निधन हो गया। ऐसी स्थिति में समस्या उनके अंतिम संस्कार को लेकर हो गयी। जाति बिरादरी वाले यहां तक कि उसका भाई भी पार्थिव शरीर को कंधा देने को तैयार नहीं हुए। ऐसे में उसकी आठ बेटियों ने मां की अर्थी को कंधा देकर श्मसान तक रोते-बिलखते पहुंचाई। हित नाते वाले कोई श्मशान घाट तक नहीं गया और न ही उसके आंगन में झांकने गया। बेटी और दामाद ने मिलकर अंतिम संस्कार किया। अर्थी उठाने वालों में से अजंती देवी ने कहा कि मेरा कोई भाई नहीं है तो क्या हुआ, हम सभी बहनें मिलकर मां का अंतिम संस्कार करेंगे। कंधा देनेवालों में अजंती, रेखा, देवकी, बाबुन कुमारी, केतकी कुमारी, भोली कुमारी प्रमुख थीं।

कुंती देवी वह लगभग चार वर्षों से अस्वस्थ्य थीं। लकवाग्रस्त होने के कारण घूमने-चलने से असमर्थ थी। उनकी आठ बेटियां में सात की शादी हो चुकी है। उसके पति दैनिक मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते है।

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