प्रवचन में बही राम रस की धार, प्रतिमाओं का कराया गया नगर भ्रमण
हजारीबाग के बाबा विश्वनाथ मंदिर प्रांगण में आयोजित पांच दिवसीय महायज्ञ के चौथे दिन भक्तों ने हवन में भाग लिया और मंडप की परिक्रमा की। प्रवचनकर्ता पं नकुलदेव शास्त्री ने राम कथा का वर्णन किया। महिला श्रद्धालुओं ने भक्ति गीत गाकर माहौल को आध्यात्मिक बना दिया। 6 फरवरी को मूर्तियों की प्राण-प्रतिष्ठा और गंगा आरती का कार्यक्रम होगा।

हजारीबाग, नगर प्रतिनिधि। ओकनी तालाब रोड दूसरी गली स्थित बाबा विश्वनाथ मंदिर प्रांगण में आयोजित पांच दिवसीय महायज्ञ के चौथे दिन भी भक्तिरस में लोग डूबे रहे। श्रद्धालु सुबह मंडप की परिक्रमा की। साथ ही हवन में भाग लिया। शाम में प्रतिमाओं का नगर भ्रमण कराया गया। इस बीच महिला श्रद्धालुओं ने भक्तिगीत से आध्यात्म की लहर फैला दी। पं अवधेश मिश्र अपने सहयोगी पुरोहितों अंबुज मिश्र और बाबा विश्वनाथ मंदिर के आचार्य पं अरविंद मिश्र के साथ पूजन और महाआरती कराई। इससे पहले बुधवार की शाम हरिद्वार से पधारे प्रवचनकर्ता पं नकुलदेव शास्त्री ने संगीतमय प्रवचन से राम रस की धार बहाई।
उन्होंने प्रभु श्रीराम के चरित्र का वर्णन किया और बताया कि क्यों वह मर्यादा पुरुषोत्तम कहे जाते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं को रामकथा का अमृतपान कराया। कैशियो पर मंटू और नाल पर शिबू जी ने संगीत बिखेर अध्यात्म की लहर पैदा कर दी। छह फरवरी को मूर्तियों की प्राण-प्रतिष्ठा, हवन पूर्णाहुति व भंडारा के साथ भव्य गंगा आरती का कार्यक्रम होगा।
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