Hindi NewsJharkhand NewsHazaribagh NewsShubham Paswan Sentenced to 10 Years for Kidnapping in Hazaribagh Court
अपहरण एवं बाद में आत्महत्या के मामले में दोषी को दस वर्ष की सजा

अपहरण एवं बाद में आत्महत्या के मामले में दोषी को दस वर्ष की सजा

संक्षेप:

हजारीबाग सिविल कोर्ट ने अपहरण कांड में शुभम पासवान को 10 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई। यह मामला 2018 का है, जिसमें सुषमा देवी का अपहरण कर बोकारो ले जाया गया था। सुषमा ने संदिग्ध परिस्थितियों में आत्महत्या कर ली थी। कोर्ट ने जुर्माना भी लगाया और दोषी को अतिरिक्त कारावास की चेतावनी दी।

Dec 04, 2025 01:49 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, हजारीबाग
share Share
Follow Us on

हजारीबाग विधि प्रतिनिधि। हजारीबाग सिविल कोर्ट में सोमवार को अपहरण कांड के एक मामले में सुनवाई के बाद कोर्ट ने दोषी को 10 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुना दी। यह मामला नगवां चुरचू अपहरण कांड से संबंधित है। यह फैसला सुनाते जिला एवं सत्र न्यायाधीश ष्षठम ने सुनाई। सजा पाने वाले में शुभम पासवान उर्फ सोनू पासवान का नाम शामिल है। यह मामला वर्ष 2018 का है, जिसमें सुषमा देवी नामक महिला को अपहरण कर बोकारो ले जाया गया था। आरोपित शुभम पासवान बोकारो जिला के गोमिया प्रखंड अंतर्गत नया टांड़ का निवासी है। इस प्रकरण में कोर्रा थाना में पहले तो भारतीय दंड संहिता की धारा 366 के तहत मामला दर्ज किया गया था।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

परंतु बाद में अनुसंधान के बाद इसमें धारा 306 को जोड़ दिया गया था। जिसकी सुनवाई पिछले सात वर्षों से चल रही थी। कोर्ट ने भारतीय दंड विधान की धारा 306 एवं 366 दोनों के तहत दोषी को 10-10 वर्ष का सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही कोर्ट ने दोषी के खिलाफ 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना की राशि अदा नहीं करने पर दोषी को अतिरिक्त एक वर्ष का कारावास भुगतना होगा। यह मामला 18 मई 2018 को तब प्रकाश में आया, जब पीड़िता के पति विकास दुबे ने कोर्रा थाना में कांड संख्या 20/18 दर्ज कराई। दर्ज प्राथमिकी के अनुसार शुभम पासवान ने सुषमा देवी का अपहरण कर बोकारो के बाद रांची तक ले गया, जहां संदिग्ध परिस्थितियों में आरोपित की कस्टडी के दौरान ही सुषमा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पीड़िता दो बच्चों की मां थी, जिसकी मौत के बाद मामला अत्यंत संवेदनशील हो गया था। वाद में कुल आठ गवाहों ने अदालत में बयान दिया‌। जिनके आधार पर अभियोजन पक्ष ने अपना पक्ष मजबूती से रखा। अपर लोक अभियोजक अनुराग सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अपराध सिद्ध होने पर कोर्ट ने यह सजा सुनाई है। इस निर्णय के बाद पीड़िता के परिजनों ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि वह फांसी की सजा चाहते थे।