बोले हजारीबाग : हर तीन माह में स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था हो
हजारीबाग की वरिष्ठ नागरिकों ने नगर निगम से हर तीन महीने में स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित करने, सार्वजनिक शौचालयों की सुविधा, और पेंशनर्स के लिए एक कार्यालय की स्थापना की मांग की है। उन्होंने वार्ड पार्षदों से बुजुर्गों के लिए विशेष ध्यान देने और उनकी जरूरतों के अनुसार सुविधाएं उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
हजारीबाग की आवासीय कॉलोनियों में बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक व सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त कर्मचारी निवास करते हैं। इनमें अधिकांश पेंशनर हैं, जबकि अन्य वरिष्ठजन भी बेहतर और सम्मानजनक जीवन के लिए शहरी सुविधाओं में अपने अनुरूप सुधार की अपेक्षा रखते हैं। हिन्दुस्तान के बोले हजारीबाग कार्यक्रम में वरिष्ठ नागरिकों ने अपनी बातें रखते हुए मांग की कि उनके लिए प्रत्येक तीन माह पर स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए जाएं। उन्होंने सरकार की योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। हजारीबाग। जिले में पेंशनर और वरिष्ठ नागरिक समाज के लोग नगर निगम एवं जिला प्रशासन से यह मांग करते हैं कि प्रत्येक तीन महीने पर हजारीबाग में वरिष्ठ नागरिकों के लिए मेडिकल कैंप आयोजित होनी चाहिए।
इस मेडिकल कैंप में आंख, दांत ,हड्डी,बीपी, शुगर, हर्ट,लकवा की संभावना जैसी बीमारियों की नियमित और निशुल्क जांच होनी चाहिए। हजारीबाग चूंकि पर प्रमंडलीय मुख्यालय भी है इसलिए यहां सहायक स्वास्थ्य कर्मी जिला के तुलना में ज्यादा है। इसके लिए जरूरी यह है प्रत्येक वार्ड में एक दिन कैंप आयोजित की जानी चाहिए ताकि हर वार्ड के वृद्ध महिला पुरुष अपने वार्ड में ही अपने स्वास्थ्य की जांच आसानी से करवा सकें। पेंशनर समाज के लोगों को साल में एक बार विशेष कर नवंबर महीने में बैंक या अपने विभागीय दफ्तर में जाकर अपना लाइफ सर्टिफिकेट देना पड़ता है। पेंशनर समाज के लोगों का कहना है कई वृद्ध इतने लाचार हो जाते हैं कि वह बैंक जाने के भी लायक नहीं होते हैं। वरिष्ठ नागरिकों का कहना है कि वार्ड पार्षद अपने वार्ड में बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट बुलाकर सभी वर्ष नागरिकों को लाइफ सर्टिफिकेट अपने वार्ड में ही बनवाने का प्रयास करें ताकि वह बैंक जाने से भी बच जाएंगे और उन्हें शारीरिक परेशानी नहीं होगी। इसके लिए नगर निकाय के लोग बैंकिंग अधिकारियों से मिलकर यह सुनिश्चित कर ले कि नवंबर में उनके वार्ड में कब और कहां पर कैंप का आयोजन होगा। ज्यादातर वरिष्ठ नागरिक शुगर के मरीज होते हैं जब वह पार्क में टहलते हैं या थोड़ी सी पैदल चलते हैं उन्हें बार-बार पेशाब लग जाता है। वरिष्ठ नागरिकों ने बताया कि इसके लिए नगर निगम और जिला प्रशासन यह सुनिश्चित करें की सार्वजनिक स्थानों पर हर आधे किलोमीटर पर शौचालय या विशेष कर मूत्रालय की व्यवस्था करें ताकि वरिष्ठ नागरिकों को कठिनाई न हो। शुगर के मरीज के लिए सार्वजनिक शौचालय नहीं होने से बहुत कठिनाई होती है। पार्को में भी विशेष कर मटवारी एवं झील के पास सार्वजनिक शौचालय की संख्या बढ़ा देनी चाहिए। इसके साथ ही साथ केवल शौचालय बनाना ही महत्वपूर्ण नहीं है बल्कि उनके नियमित साफ सफाई हो तथा वहां पानी और बिजली का भी प्रबंध होना चाहिए। कई सार्वजनिक शौचालय बहुत गंदे होते हैं तथा पानी और बिजली का प्रॉब्लम नहीं होने से कई बार दुर्घटना होने से वरिष्ठ नागरिक बच्चे हैं कई बार वहां कुत्ते एवं सांप भी बैठे मिले हैं। नगर निगम से वरिष्ठ नागरिकों ने अपील की है की सार्वजनिक स्थान विशेष कर पार्कों में जो भी शौचालय बने हो उसकी नियमित सफाई हो तथा वहां ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव प्रत्येक दिन होना चाहिए ताकि किसी तरह का दुर्गधर बधू का सामना करना पड़े। हर वार्ड में बुजुर्गों के टहलने के लिए पार्क का निर्माण हो हजारीबाग के वरिष्ठ नागरिकों ने नगर निगम के जनप्रतिनिधियों से यह भी अपील की है कि उन्हें वरिष्ठ नागरिकों के संबंध में नए नियमों की जानकारी हो तथा अगर वरिष्ठ नागरिक कहीं कष्ट में हो तो उनके परिवार का आपसी विवाद बिना कोर्ट कचहरी के भी सुलझा दें। वृद्धा पेंशन की सुविधा जिन्हें नहीं मिल रही और जो योग्य हैं उन्हें लाभुक बना दे। हर वार्ड पार्षद अपने वार्ड के वरिष्ठ नागरिकों का एक रिकॉर्ड अपने पास रखें जिसमें उनका नाम उम्र और मकान नंबर लिखा हो ताकि किसी तरह की कोई असुविधा न हो। कई वरिष्ठ नागरिक इतनी वृद्धि हो चुके हैं कि वह सड़क पर चलने से डरते हैं। वार्ड पार्षदों से उनकी यह अपील रहेगी कि वह अपने वार्ड में छोटे पार्क बनवाएं ताकि वह अपने मोहल्ले में ही सुबह -शाम सैर कर सकें। वार्ड में हर जगह रोशनी का प्रबंध हो ताकि अंधेरे में किसी तरह की कोई परेशानी ना हो। वरिष्ठ नागरिकों ने सड़कों पर आवारा पशु विशेष कर मवेशी एवं कुत्तों से बचाव के उपाय की भी मांग की है। इनका कहना है कि सड़कों पर खुले में चलने वाले आवारा पशु कई बार उन्हें धक्का देकर गिरा देते हैं, जिससे उनके हाथ पैर टूट जाते हैं। सुबह की सैर करने जाते हैं तो कई बार कुत्तों का झुंड में उन्हें दौड़ा देता है । पेंशनरों ने कार्यालय खोलने की मांग की हजारीबाग में वरिष्ठ पेंशनरों के लिए कार्यालय की व्यवस्था नहीं है। पुराने कार्यालय में तानाशाही और मनमानी के कारण सभी वहां से अलग हो गए हैं। इसके साथ ही सभी लोगों से सदस्यता शुल्क के नाम पर 600 वसूले जाते थे। पेंशनर्स कल्याण समाज की नई कमेटी ने एक नया कार्यालय पुराना सचिवालय में खोलने की मांग की है। वरिष्ठ नागरिकों की सुविधाओं में हो विस्तार पेंशनर लोग जब शहर आते हैं तो कार्यालय होने से शौचालय की सुविधा और बैठने की जगह उन्हें मिलेगी। सभी पेंशनरों ने हजारीबाग के प्रशासनिक अधिकारी जनप्रतिनिधियों से कार्यालय की मांग की है। इसके साथ ही साथ वरिष्ठ नागरिकों कि सुविधाओं के बारे में ध्यान रखने वाला मेयर चुने की बात कही है। बुजुर्गों के लिए अलग शौचालय का िनमार्ण हो पेंशनर और वरिष्ठ नागरिकों को ध्यान में रखते हुए जगह-जगह पर पब्लिक टॉयलेट बनाने की जरूरत है जहां बुजुर्गों के लिए जगह रिजर्व हो। ऐसा इसलिए कि वे लोग अन्य पब्लिक टॉयलेट में लोग हर बड़ी में रहते हैं जिससे उन्हें गिरने या चोट पहुंचाने का डर लगा रहता है। योजनाओं का दिया जाए लाभ झारखंड कल्याण पेंशनर और वरिष्ठ लोगों ने सर्वशक्ति से नई कमेटी का गठन कर अपनी सुविधाओं को लागू करने की मांग की है। सभी लोगों ने एक महीना पूर्व उपयुक्त हजारीबाग को पत्र लिखकर कार्यालय की मांग की है पर अभी तक उसे पर कोई कार्रवाई नहीं होने की बात कही गई है। वे लोग कभी प्रेस क्लब कभी पुराना सामान वाले के शिक्षा विभाग की बिल्डिंग में बैठकर अपना चर्चा करते हैं। साथ ही जब भी वे लोग कवि सम्मेलन का आयोजन करते हैं तो इसी तरह के किसी भवन में करना पड़ता है। इसलिए प्रशासन इस ओर ध्यान देते हुए पेंशनर समाज के लिए एक कार्यालय की व्यवस्था करे। वरिष्ठ नागरिकों के लिए पार्षद-मेयर समय-समय पर उनकी जरूरत के हिसाब से मेडिकल कैंप, लाइफ सर्टिफिकेट कैंप आयोजित करें। प्रत्येक वार्ड के वरिष्ठ नागरिकों की एक रजिस्टर नगर निगम के कार्यालय में हो ताकि हर तरह की सुविधा उन्हें उनके वार्ड में ही मिल सके। -स्वरूप चंद्र जैन, वरिष्ठ अधिवक्ता पेंशनर समाज कल्याण समिति के कार्यालय की जरूरत है। हजारीबाग के प्रशासनिक पदाधिकारी से या मांग करता हूं कि पुराना सचिवालय भवन में एक कार्यालय खोलने की अनुमति दी जाए। कार्यालय के अंदर वॉशरूम पानी एवं अन्य सुविधाएं होनी चाहिए। -राम इकबाल सिंह, रिटायर्ड प्राचार्य, गवर्मेंट गर्ल्स स्कूल नवंबर में हर वार्ड में लाइफ सर्टिफिकेट के लिए कैंप आयोजित होनी चाहिए। इससे पेंशन को बहुत लाभ होगा। -श्रीतोष कुमार व्यध्य पेंशनर समाज के लोगों ने कहां है कि हर वार्ड के वरिष्ठ लोगों की जानकारी वार्ड पार्षद को एक डायरी के माध्यम से होनी चाहिए। -मिथलेश कर्ण आवारा पशु वृद्ध वरिष्ठ जनों के लिए कई बार खतरा का कारण बन चुके हैं। पार्षद अपने वार्ड में आवारा पशु एवं कुत्तों पर रोक लगाए। -सुखदेव प्रजापति बहुत से वरिष्ठ नागरिक एवं पेंशनर्स मधुमेह के मरीज होते हैं। उन्हें बार-बार मूत्र त्याग करना पड़ता है। -अर्जुन प्रसाद बैंक कॉरेस्पोंडेंट वार्ड पार्षद से संपर्क कर पेंशनर के घर पहुंच कर उनका लाइफ सर्टिफिकेट कलेक्ट कर सकते हैं। -कैलाश सिंह वरिष्ठ नागरिकों के वार्ड में समय-समय पर मेडिकल कैंप आयोजित की जानी चाहिए जहां निशुल्क जांच एवं दवाई हो। -अर्जुन सिंह वरिष्ठ नागरिकों ने कहा है उनके वार्ड में गालियों एवं मुख्य रास्ते पर रोशनी का उचित प्रबंध हो। अंधेरे के कारण कई बार वे गिर जाते हैं। -राजू विश्वकर्मा वार्ड पार्षद एवं मेयर वैसे हो जिन्हें वृद्धों से संबंधित कानून की जानकारी हो तथा उनके विवाद को आसानी से सुलझा सके। -बृजभूषण गुरु वृद्धो के मनोरंजन के लिए हर वार्ड में छोटे-मोटे पार्क स्थापित होने चाहिए ताकि वे लोग घर के समीप आसानी से सैर कर सके। -सीताराम शर्मा हर वार्ड में समय-समय पर धार्मिक कार्यक्रम आयोजित की जानी चाहिए जिससे की वृद्धि को पूरी जो सेवक उत्साह से स्तरीय हो। -बबलू मेहता पेंशनरों के लिए एक मनोरंजन क्लब स्थापित हो। ताकि वे लोग शाम या सुबह वहां अपना अच्छा समय व्यतीत कर सके। -खीरोधर प्रसाद मेहता हर वार्ड में वैसे वृद्धि दंपति की जानकारी वार्ड पार्षद को होनी चाहिए जो अकेले रह रहे हैं या जिनके बच्चे बाहर रहते हैं। -प्रयाग प्रसाद मेहता
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